मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह दस्तावेज केवल एक विजन नहीं बल्कि प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और संरचनात्मक रूपांतरण की स्पष्ट रूपरेखा है।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे व्यापक और सहभागितापूर्ण बनाते हुए प्रदेशभर से प्राप्त 98 लाख से अधिक जन-सुझावों, विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों व अन्य हितधारकों के विचारों का विश्लेषण करते हुए समाहित किया जाए तथा उसी आधार पर अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना जल्द जारी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजन दस्तावेज व्यवहारिक, परिणामोन्मुख और समयबद्ध होना चाहिए, जो प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का ठोस आधार प्रस्तुत करे। योगी ने कहा कि सभी विभाग त्रैमासिक एवं वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप विभागवार और अंतर-क्षेत्रीय कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें जिम्मेदारियों, अपेक्षित परिणामों व समन्वय की व्यवस्था स्पष्ट रूप से निर्धारित हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर तैयार विजन को जिला, शहर और पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ एक समग्र परिवर्तन का अभियान है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक न्याय, समावेशिता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार को समान महत्व दिया गया है।

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