भड़काऊ भाषण दिए जाने के मामले में आरोपी पूर्व विधायक नूरसलीम राना और मौलाना जमील अहमद कासमी ने विशेष एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दोनों पूर्व विधायकों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे।

सरेंडर किए जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया, जिसके बाद कोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दोनों को जमानत प्रदान कर दी। मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली क्षेत्र के शहीद चौक पर 30 अगस्त 2013 को मुस्लिम समाज के लोगों ने जुम्मे के दिन एक सभा का आयोजन किया था।

सभा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पूर्व विधायक नूर सलीम राणा और मौलाना जमील अहमद सहित 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट सिविल जज सीनियर डिविजन के जज मयंक जायसवाल कर रहे हैं। कोर्ट ने पूर्व विधायक नूर सलीम राणा और मौलाना जमील अहमद कासमी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए थे।

सोमवार को दोनों पूर्व विधायक ने विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया। इसके उपरांत कोर्ट ने दोनों को 20-20 हजार रुपए की निजी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों 20 जुलाई को व्यक्तिगत तौर से कोर्ट में पेश हों। मामले में गत तारीख को सभी आरोपी उपस्थित न होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके थे। कोर्ट ने नूर सलीम राना और मौलाना जमील के गैर जमानती करंट जारी कर आरोप तय करने के लिए 20 जुलाई नीयत कर दी थी।

भड़काऊ भाषण के मामले में 10 मुस्लिम नेताओं के खिलाफ सुनवाई चल रही है। इनमें पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुजमा, सलमान सईद, पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूर सलीम राना, मौलाना जमील, सुल्तान नसीर एडवोकेट, असद जमा एडवोकेट, नौशाद कुरेशी, अहसान कुरेशी व मुशर्रफ शामिल हैं।

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