मुजफ्फरनगर। लंबे अरसे से गंदगी में रहकर भयानक बीमारी के चंगुल में फंसने के डर के साथ जीवन बिताने वाले मोहल्ले वासियों द्वारा गंदगी से निजात दिलवाए जाने की गुहार रंग लाई हैं। फरियादियों द्वारा की जा रही फरियाद की आवाज़ प्रशासनिक अधिकारियों के कानों तक नहीं पहुंच पा रही थी, मगर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के दहाड़ने पर प्रशासनिक अधिकारी एक पैर पर खड़े हो गए और अवैध रूप से चलाई जा रही डेरियों पर कार्यवाही करने को मजबूर हो गए। जिसके चलते आबादी के बीच में संचालित पशु डेरी संचालकों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें 13 डेरी संचालकों को आरोपित बनाया गया है। 3 अक्टूबर को मोहल्ला वासियों की शिकायत पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने दूध डेयरी पर छापेमारी की थी।
काफी दिनों से शहर में संचालित पशु डेरी पर कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे थे। इसी क्रम में 3 अक्टूबर को प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने नगर पालिका की स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ साकेत, मलुपुरा और ब्रह्मपुरी मोहल्ले में स्थित डेरियों का भौतिक सत्यापन किया था। जांच के दौरान पाया गया की पशु का मल नालियों में बह रहा था। जिससे दुर्गंध उठ रही है। हालांकि जांच के दौरान स्थानीय लोगों ने डेरी संचालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा भी किया था। इस मामले में रविवार को प्रदूषण विभाग के जेआरएफ रविश प्रताप सिंह ने सिविल लाइन थाने में 13 डेरी संचालकों के खिलाफ स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा, शालीनता और नैतिकता को प्रभावित करने वाली धारा 269 व 270 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
क्या कहते है सिविल लाइन थाना प्रभारी
सिविल लाइन थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताय कि प्रदूषण विभाग ने जुल्फकार, शमशाद, अब्दुल शमद, सुमित चौधरी निवासीगण साकेत कालोनी और अख्तर, साजिद, नदीम, महमूद, फौदा, इरफान, आस मोहम्मद, सलीम व निखिल निवासीगण मल्लूपुरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसकी जांच एसआई प्रशांत कुमार गिरी को सौंपी गई है।

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