इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से डायरिया का प्रकोप गंभीर रूप ले चुका है। अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं। इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। खास बात यह कि यह इलाका नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है, जिससे प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन ऐसे में सरकार के मंत्री का बेहद गैरजिम्मेदाराना चेहरा नजर आया है।

मीडिया के सवालों पर मंत्री का आपा खोना, वीडियो वायरल

स्थिति की गंभीरता को लेकर जब मीडिया ने मंत्री विजयवर्गीय से सवाल पूछे, तो शुरुआत में वे संयमित नजर आए। लेकिन निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के बिल भुगतान और स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवालों के बीच वे नाराज हो गए। इसी दौरान एक पत्रकार से बहस में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने जताया खेद

वीडियो सामने आने और आलोचना बढ़ने के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी की। उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए हालात सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से उनके क्षेत्र के लोग पीड़ित हैं और कुछ की मौत भी हुई है। इसी मानसिक दबाव और दुख की स्थिति में उनसे गलत शब्द निकल गए, जिसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट किया।

कांग्रेस का हमला, इस्तीफे की मांग तेज

इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वायरल वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहरीले पानी से लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय सवाल पूछने वालों से बदतमीजी कर रही है। पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लेने की मांग की है, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

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