मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Green Sanvi नाम का एक बड़ा एलपीजी टैंकर 46,655 मीट्रिक टन गैस लेकर Strait of Hormuz पार करने के करीब है। उम्मीद है कि यह जहाज 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंच जाएगा, जिससे देश में कुकिंग गैस की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह जहाज होर्मुज के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है और सुरक्षित ट्रांजिट की प्रक्रिया में है। इससे पहले भी ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ जैसे 6 जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिन्होंने मिलकर करीब 92,000 टन ईंधन की सप्लाई दी थी।
हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। भारतीय नौसेना के अनुसार, ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे अन्य जहाज अभी भी सुरक्षित रास्ते का इंतजार कर रहे हैं। नौसेना इन जहाजों को चरणबद्ध तरीके से बाहर निकालने की योजना पर काम कर रही है, खासकर उन जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है जो जरूरी ईंधन लेकर आ रहे हैं। इसी बीच, ‘BW TYR’ जहाज पहले ही मुंबई पहुंच चुका है और समुद्र में ही अपना माल उतार रहा है, जबकि ‘BW ELM’ को एन्नोर बंदरगाह की ओर मोड़ दिया गया है, जहां उसके 4 अप्रैल तक पहुंचने की संभावना है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी करीब 17 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इसके अलावा ओमान की खाड़ी, अदन की खाड़ी और लाल सागर में भी भारतीय जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर हजारों भारतीय नाविक तैनात हैं, जिनमें से कई को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। भारत सरकार एक तरफ Iran से कूटनीतिक बातचीत कर रही है, तो दूसरी तरफ भारतीय नौसेना जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। होर्मुज का खुलना अब सिर्फ व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक स्थिरता से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है।
