हिमाचल प्रदेश में 23 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है क्योंकि राज्य के मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों के लिए पीली चेतावनी जारी की है। इसके परिणामस्वरूप, अगले 24 घंटों में इन जिलों के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। 21 जुलाई तक कई जिलों के लिए पीली मौसम चेतावनी भी जारी की गई है, जबकि शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए 21 जुलाई के लिए नारंगी मौसम चेतावनी जारी की गई है, जिसके परिणामस्वरूप इन जिलों के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी से भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में बृहस्पतिवार को वर्षा हुई और सिरमौर जिले में लोहरा क्षेत्र के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग 707 भूस्खलन के कारण बंद रहा। स्थानीय मौसम कार्यालय ने राज्य के नौ जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। भारी बारिश से प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ आई है, जिससे 20 जून से अब तक 1,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सूत्रों ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग 707 समेत 170 सड़कें अब भी बंद हैं।

सूत्रों के अनुसार, राजमार्ग 30 घंटे से अधिक समय से बंद है और इसे अभी तक वाहनों के आवागमन के लिए बहाल नहीं किया जा सका है, क्योंकि पहाड़ से मलबा आने से सड़क साफ करने के काम में बाधा आ रही है। स्थानीय मौसम कार्यालय ने सोमवार और बुधवार को भारी बारिश को लेकर ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। मंडी में 121 सड़कें, कुल्लू में 23 औरसिरमौर जिले में 13 सड़कें बंद हैं। इस मानसून में राज्य में अब तक 112 लोगों की मौत हुई है जिनमें तीन लोगों की मौत पिछले 24 घंटे में हुई हैं।

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

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