जयपुर में स्पा और मसाज सेंटरों के संचालन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। जयपुर पुलिस ने इन सेंटरों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कार्यों पर लगाम कसने के लिए 13 बिंदुओं की सख्त गाइडलाइन जारी की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि सभी स्पा सेंटर संचालकों के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस गाइडलाइन ने न केवल स्पा उद्योग में हलचल मचा दी है बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।

क्या हैं नए नियम और क्यों हुए लागू?

जयपुर पुलिस द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार स्पा और मसाज सेंटरों को कई महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे:

  • अलग खंड और प्रवेश द्वार: स्पा और मसाज सेंटरों में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग खंड होने अनिवार्य हैं। इन खंडों के लिए अलग प्रवेश द्वार होंगे जो स्पष्ट रूप से सीमांकित किए जाएंगे और इनके बीच किसी भी प्रकार का अंतर-संबंध नहीं होगा।
  • खुले दरवाजे और ताले पर रोक: स्पा और मसाज सेवाएँ बंद दरवाजों के पीछे नहीं दी जा सकेंगी। कक्षों के दरवाजों में कुंडी या बोल्ट लगाने की अनुमति नहीं होगी और बाहरी दरवाजे कार्य समय (सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक) के दौरान खुले रखने होंगे।
  • आवासीय उपयोग पर प्रतिबंध: स्पा परिसर का उपयोग आवासीय प्रयोजनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन: सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा।
  • योग्य स्टाफ की नियुक्ति: केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग जिनके पास फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर या ऑक्यूपेशनल थेरेपी में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट हो को ही नियुक्त किया जाएगा।

सीसीटीवी और पहचान पत्र अनिवार्य

पुलिस ने यह भी निर्देश दिया है कि:

  • सेंटरों में प्रवेश, रिसेप्शन और कॉमन एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम तीन महीने तक रखनी होगी।
  • ग्राहकों की पहचान के लिए आईडी कार्ड और उनके संपर्क विवरण के साथ रजिस्टर मेंटेन करना होगा।
  • सेंटरों को हिंदी और अंग्रेजी में डिस्प्ले बोर्ड लगाने होंगे जिसमें परिसर का साइट प्लान, बेड की संख्या, कर्मचारियों का विवरण, हेल्पलाइन नंबर (112 और 181) और यह घोषणा शामिल होगी कि सेंटर केवल स्पा और मसाज के लिए है।
  • किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि पाए जाने पर इमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

दिल्ली से प्रेरित गाइडलाइन और प्रतिक्रियाएं

ये गाइडलाइन दिल्ली में 2021 में लागू नियमों से प्रेरित है जहाँ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने स्पा सेंटरों में यौन शोषण और मानव तस्करी की शिकायतों के बाद सख्त नियम लागू करवाए थे। दिल्ली में क्रॉस-जेंडर मसाज पर पूरी तरह रोक है और जयपुर में भी इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती की जा रही है।

जयपुर पुलिस का कहना है कि शहर में बढ़ते स्पा सेंटरों में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद यह कदम उठाया गया। हालांकि स्थानीय स्पा संचालकों ने इस गाइडलाइन को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ संचालकों का कहना है कि ये नियम वैध कारोबार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। दिल्ली में भी 2021 में स्पा एसोसिएशन ने इसी तरह के नियमों को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जहाँ उन्होंने इसे कर्मचारियों के रोजगार पर असर डालने वाला बताया था।

जयपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का उद्देश्य ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों को रोकना है। X (पूर्व ट्विटर) पर इस खबर को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं तीखी रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “स्पा सेंटरों पर सख्ती जरूरी थी लेकिन वैध कारोबार को भी सहूलियत देनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “पुलिस का यह कदम स्वागत योग्य है लेकिन क्या इसे सही से लागू किया जाएगा?”

जयपुर पुलिस ने चेतावनी दी है कि गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी जिसमें लाइसेंस रद्द करना और इमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत मुकदमा शामिल है। यह गाइडलाइन न केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान में स्पा उद्योग के लिए एक नया मोड़ ला सकती है। जैसे-जैसे ये नियम लागू होंगे यह देखना होगा कि क्या ये अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा पाते हैं या वैध कारोबार को भी प्रभावित करते हैं।

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