जिस प्रकार पिछले कुछ महीनों से सोने-चांदी के भाव लगातार बढ़ रहे हैं, उसी तरह पिछले एक महीने में पिग आयरन की कीमतों में अचानक और तेजी से हुई बढ़ौतरी ने पंजाब के जालंधर सहित पूरे क्षेत्र की छोटी-मध्यम मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को गहरे संकट में डाल दिया है। पिग आयरन स्टील बनाने का मुख्य कच्चा माल है और इसकी कीमतें बढ़ने से फैक्टरियों की उत्पादन लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

आंकड़ों के अनुसार 1 दिसम्बर, 2025 को पिग आयरन का भाव केवल 35,500 रुपए प्रति टन था लेकिन सिर्फ 2 हफ्तों में यानी 15 दिसम्बर तक यह बढ़कर 36,500 रुपए हो गया। इसके बाद बढ़ौतरी का सिलसिला और तेज हो गया , 29 दिसम्बर को कीमत 39,000 रुपए प्रति टन पहुंच गई और नए साल के शुरू में 2 जनवरी, 2026 को यह 41,000 रुपए प्रति टन तक जा पहुंची।

यानी एक महीने में करीब 5500 रुपए प्रति टन की बढ़ौतरी हो चुकी है, जो सामान्य स्थिति में बहुत असामान्य है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यह बढ़ौतरी प्राकृतिक नहीं है। कुछ बड़े डीलरों ने आपस में सांठगांठ करके जानबूझकर कीमतें बढ़ाई हैं ताकि फैक्टरियां मजबूर होकर ऊंचे दामों पर माल खरीदें। उद्योग प्रतिनिधियों ने इसे ‘ब्लैकमेलिंग जैसी स्थिति’ बताया है। उनका कहना है कि डीलर स्टॉक रोक कर या कम सप्लाई करके कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं, जिससे बाजार में कीमतें आसमान छू रही हैं।

इस महंगाई का सबसे बुरा असर छोटे और मध्यम उद्योगों पर पड़ रहा है। कई फैक्टरियां पहले से ही मंदी और अन्य चुनौतियों से जूझ रही हैं। अब कच्चे माल की कीमत बढ़ने से उनका मुनाफा कम हो रहा है और कई इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। अगर उत्पादन लागत ज्यादा बढ़ेगी तो तैयार माल के दाम भी बढ़ेंगे, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। साथ ही सप्लाई चेन में रुकावट आएगी और रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है।

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सरकार और संबंधित विभागों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिग आयरन के बाजार पर कड़ी निगरानी रखी जाए, डीलरों की गतिविधियों की जांच हो और अगर मिलीभगत या ब्लैक मार्कीटिंग के सबूत मिलें तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका मानना है कि केवल पारदर्शी और नियंत्रित बाजार से ही उद्योगों को राहत मिल सकती है और लंबे समय में अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। फिलहाल उद्योग जगत इस मामले को लेकर काफी चिंतित है और उम्मीद कर रहा है कि सरकार जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights