उत्तर प्रदेश के आगरा में स्कूल प्रबंधन की जानलेवा लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। भागूपुर स्थित आरबीएस इंटर कॉलेज की एक जर्जर बस चलते-चलते मौत का जाल बन गई। बस का फर्श इतना सड़ा-गला था कि वह अचानक टूट गया और कक्षा 1 की छात्रा नैना चलती गाड़ी से सड़क पर गिर गई, जिसके बाद बस का भारी पहिया उसे कुचलता हुआ निकल गया।
सीट सहित सड़क पर गिरी मासूम, मौके पर मौत
नगला लाले निवासी ब्रह्मजीत की 9 वर्षीय बेटी नैना अपनी बड़ी बहन के साथ बुधवार को स्कूल से घर लौट रही थी। चश्मदीदों के मुताबिक, नैना अपनी सीट पर बैठी थी, तभी अचानक सीट के नीचे लगी लोहे की गली हुई चद्दर (फर्श) भरभरा कर टूट गई। नैना संभल भी नहीं पाई और सीधे सड़क पर जा गिरी। पलक झपकते ही बस का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। बस में सवार अन्य बच्चों के शोर मचाने पर जब तक ड्राइवर ने गाड़ी रोकी, तब तक नैना की सांसें थम चुकी थीं।
लोहे की चद्दर नहीं, मौत का सामान थी बस
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि जिस बस में मासूमों को ढोया जा रहा था, वह पूरी तरह खटारा थी। बस की सीटें टूटी हुई थीं, खिड़कियां लटक रही थीं और सबसे खतरनाक उसका फर्श था, जो जंग लगकर गल चुका था। आरोप है कि बस के पास न तो वैध फिटनेस सर्टिफिकेट था और न ही सुरक्षा के कोई मानक पूरे किए गए थे।
परिजनों का चीत्कार, सदमे में मां-दादी
अस्पताल में जब डॉक्टरों ने नैना को मृत घोषित किया, तो कोहराम मच गया। अपनी लाडली का शव देखकर मां और दादी बार-बार बेहोश हो रही थीं। पिता ब्रह्मजीत ने नम आंखों से स्कूल प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही ने उनकी बेटी की ‘हत्या’ की है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की कोशिश की और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई और बड़ा सवाल
एत्मादपुर पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और ड्राइवर से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
क्या प्रशासन ऐसे हादसों का इंतजार करता है? अलीगढ़ के बाद अब आगरा में भी वही कहानी दोहराई गई—टूटा फर्श और मासूम की मौत। आखिर कब तक खटारा बसें बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करती रहेंगी?