उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य (MLC) कमला प्रसाद यादव को एक बहुचर्चित मामले में बड़ी राहत प्रदान करते हुए सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश अनुपम कुमार त्रिपाठी की अदालत ने लगभग 7 वर्षों तक चली सुनवाई, साक्ष्यों के परीक्षण तथा दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के उपरांत यह फैसला सुनाया। वर्ष 2019 से विचाराधीन इस प्रकरण में अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा।

अभियोजन के अनुसार मामला वर्ष 2017-18 की घटनाओं से संबंधित था, जिसमें पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 147, 148, 149, 323, 506, 454, 188 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता वंश गोपाल सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने अदालत में दलील दी कि मामला राजनीतिक द्वेष के चलते दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें परस्पर विरोधाभास पाया गया तथा ठोस साक्ष्यों का अभाव रहा।

अदालत ने साक्ष्यों की कमी और गवाहों के बयानों में असंगति को आधार मानते हुए कमला प्रसाद यादव के साथ-साथ अन्य आरोपियों-संजय यादव, गामा यादव, मनोज यादव (पुत्र चंद्रिका यादव), मनोज यादव (पुत्र मटरू यादव), शंभू यादव एवं नागेंद्र यादव-को भी सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद कचहरी परिसर में मौजूद समर्थकों ने खुशी व्यक्त की। पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव ने न्यायपालिका के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास था।

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