हाईटेक शिक्षा के दौर में अब हरियाणा के राजकीय स्कूलों के बच्चे भी आधुनिक तकनीक और रोचक तरीकों से पढ़ाई करेंगे। शिक्षा विभाग ने प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए एक नया क्लासरूम रीडिंग प्रोग्राम तैयार किया है, जिसका उद्देश्य बच्चों को आनंदपूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराना है।

इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को न केवल पारंपरिक पढ़ाई कराई जाएगी, बल्कि उन्हें डिजिटल संचार के आधुनिक माध्यमों से भी परिचित कराया जाएगा। प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर संदेश भेजना, इमोजी आधारित संवाद करना और वॉयस नोट्स का उपयोग करना सिखाया जाएगा।

बच्चों को यह भी बताया जाएगा कि यूट्यूब, गूगल असिस्टेंट और मेटा एआई जैसे प्लेटफार्मों की मदद से वे किस प्रकार अपने सवालों के जवाब आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही किस्से-कहानियों और खेलों के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक रोचक बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए अप्रैल और मई महीने के दौरान क्लासरूम रीडिंग प्रोग्राम लागू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य छात्रों को स्कूल के माहौल में सहज बनाना और उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम के तहत छात्रों की पढ़ने, बोलने, सुनने और लिखने की क्षमता को मजबूत किया जाएगा। वहीं गणित में गिनती, जोड़-घटाव, माप, समय और धन की समझ विकसित की जाएगी। संचार, निर्णय लेने और सामाजिक कौशल को भी वास्तविक जीवन अनुभवों के माध्यम से सिखाया जाएगा। इसके लिए फ्लैश कार्ड्स, संख्या ब्लॉक्स, वर्णमाला चार्ट और गणित किट जैसे शिक्षण साधनों का उपयोग किया जाएगा। कहानी कार्ड्स, ध्वन्यात्मक सामग्री और गणितीय खेलों के जरिए बच्चों की तर्कशक्ति और समझ को बढ़ाया जाएगा।

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