दिल्ली भाजपा ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया।

पिछले साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर देश ने 14 अगस्त को उन लोगों की याद में एक स्मृति दिवस के रूप में मनाना शुरू कर दिया है जिन्होंने अपनी जान गंवाई और विभाजन की पीड़ा का सामना किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की अध्यक्षता में वयोवृद्ध नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा, बैजयंत जय पांडा, रामवीर सिंह बिधूड़ी, मीनाक्षी लेखी, डॉ. हषर्वर्धन, मनोज तिवारी, रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा, हंसराज हंस समेत अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे। इस दौरान विभाजन की भयावहता को याद दिलाती फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इससे पहले एक बंटवारे में मारे गए लोगों की याद में मौन मार्च भी निकाला गया।

नड्डा के विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि कल एक तरफ जब हम आजादी की 77वीं वषर्गांठ मनाएंगे तो दूसरी तरफ आज ही के दिन 14 अगस्त को लोगों से जो ऐतिहासिक धोखा हुआ, उसे याद करके हमें दुख हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में यह स्पष्ट है कि जब भारत आजाद हो रहा था, तब देश के एक बड़े हिस्से के लोग अपनी जान बचाने के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। भारत का विभाजन इतिहास के सबसे बड़े विस्थापन के रूप में याद की जाने वाली घटना है, जिसमें लगभग 1.5 करोड़ लोग विस्थापित हुए और लगभग 10 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मैं खुद एक ऐसे परिवार से आता हूं, जो विभाजन के समय पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ से आकर दिल्ली में बस गया और हमने विभाजन की पीड़ा झेली। परिवार के बुजुर्ग हमें बताते हैं कि जब वे दिल्ली आने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें किस तरह हिंसा और नफरत का सामना करना पड़ा।

उन परिस्थितियों को जानते हुए, समझते हुए, आज इस विभाजन स्मृति दिवस सेमिनार की अध्यक्षता करना मेरे लिए गर्व की बात है। प्रो. मल्होत्रा ने विभाजन के दिनों के अपने परिवार के भयानक अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के आयोजन में योगेन्द्र चंदोलिया, हर्ष मल्होत्रा, कमलजीत सहरावत, हरीश खुराना, इम्प्रीत सिंह बख्शी ने विशेष सहयोग किया।

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