बिहार में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन ने आज (बुधवार) बिहार बंद का आह्वान किया है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के घटक दल के नेता आयकर गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक विरोध मार्च करेंगे।

महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने पटना, जहानाबाद और दरभंगा में ट्रेनों को रोक दिया है। कई जगहों पर सड़कें जाम हैं और टायर जलाकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। राहुल गांधी इस चक्का जाम में शामिल होने पटना पहुंच चुके हैं जिसके बाद विपक्ष इनकम टैक्स गोलंबर से EC दफ्तर तक मार्च करेगा। 

इसी बीच नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “आज पूरा बिहार बंद है, चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुका है। वोटर लिस्ट से गरीब लोगों के नाम हटाने की बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही है, पहले ये नाम हटाए जाएंगे, फिर पेंशन, फिर राशन हटाएंगे, इसी को लेकर महागठबंधन के दलों ने बिहार बंद का ऐलान किया है। इसके साथ ही ट्रेड यूनियनों ने भी बंद का ऐलान किया है, हम उनका समर्थन करते हैं… राहुल गांधी भी इसमें उनका साथ देने आ रहे हैं… चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल का प्रकोष्ठ बन गया है। चुनाव आयोग खुद कन्फ्यूज है… हम हर मंच पर लड़ेंगे, चाहे वह सड़क हो, सदन हो या न्यायालय…”

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी‚ महागठबंधन समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव‚ भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव ड़ी राजा‚ माकपा के राष्ट्रीय महासचिव एमए बेबी‚ भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और वीआईपी के संरक्षक मुकेश सहनी सहित कई नेता शामिल होंगे। 

तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करना है। बता दें कि विपक्षी दल के नेताओं का कहना है कि मतदाता गहन पुनरीक्षण को तुरंत रोका जाए। उनका कहना है कि इसे विधानसभा चुनाव के बाद कराया जाए। विपक्ष का कहना है कि वोटर लिस्ट रिवीजन में जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है वह गरीबों के पास नहीं हैं।

बंद से सभी आवश्यक सेवाओं को बाहर रखा गया है। जिला से लेकर बूथ स्तरीय इंडिया गठबंधन–समन्वय समितियां पूरी सक्रियता के साथ इस आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए तैयार हैं। राजधानी पटना में सुबह नौ बजे आयकर गोलंबर से मार्च निकलेगा और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय तक जायेगा। 

महागठबंधन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि देश के १० ट्रेड यूनियन ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ ९ जुलाई को राष्ट्रीय मजदूर हडÃताल का आह्वान किया है। मोदी सरकार ने दशकों से स्थापित ४४ श्रम कानूनों का निषेध कर ४ लेबर कोड बनाने का फैसला किया है‚ जो श्रमिकों के अधिकारों पर कुठाराघात है। 

विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडि़या’ की समन्वय समिति की तीन जुलाई को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि हाल में मतदाता पुनरीक्षण के माध्यम से मोदी सरकार के इशारे पर साजिशन भारतीय चुनाव आयोग द्वारा बिहार के प्रवासी मजदूरों‚ गरीबों और आम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के हिटलरशाही कार्रवाई को भी उपरोक्त मुहिम में शामिल कर मजदूर संगठनों के देशव्यापी हडताल को पूर्ण सक्रियता के साथ सडÃक पर उतरकर समर्थन देना होगा। 

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