रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखी गई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसे की गिरावट के साथ 86.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने तथा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसे लुढ़ककर 86.73 पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि रुपये में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। तीन दिन में रुपया 69 पैसे कमजोर हुआ है। इसका मुख्य कारण मौजूदा जोखिम से बचने की बाजार धारणा का होना और आयातकों की डॉलर मांग थी, जो जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से प्रेरित है।

इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों में सुस्ती और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी रुपये पर दबाव डाला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 86.54 पर खुला तथा 86.49 के उच्चतम स्तर और 86.89 के निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में 86.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह पिछले बंद से 30 पैसे की गिरावट है। बुधवार को रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 86.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ सकता है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी रुपये पर दबाव डाल सकती हैं।’’ 


उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपये का हाजिर मूल्य 86.50 से 87.20 के बीच रहने की उम्मीद है।

दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत बढ़कर 98.92 हो गया।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की वायदा कीमत 0.25 प्रतिशत बढ़कर 76.89 डॉलर प्रति बैरल हो गयी।

घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 82.79 अंक टूटकर 81,361.87 अंक पर, जबकि एनएसई निफ्टी 18.10 अंक की गिरावट के साथ 24,793.25 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बुधवार को शुद्ध आधार पर 890.93 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। 

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