प्रॉपर्टी डीलर पलविंदर सिंह उर्फ रिंपी अनेजा द्वारा मौत को गले लगाने के मामले ने अब एक नया और भयंकर मोड़ ले लिया है। रिंपी अनेजा की आत्महत्या के पीछे केवल मानसिक प्रताड़ना ही नहीं, बल्कि लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुआ करोड़ों का ‘प्लॉट स्कैम’ भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री और स्थानीय निकाय विभाग तक लगाई थी गुहार चर्चा है कि शहीद भगत सिंह नगर के प्लॉट नंबर 35-सी के ट्रांसफर में पिछले साल अगस्त 2025 के दौरान एक बड़ा खेल रचा गया था। आरोप है कि ट्रस्ट के अधिकारियों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए असली अलॉटी और अटॉर्नी होल्डर की गैर-मौजूदगी में ही करोड़ों के इस प्लॉट को रसूखदारों के नाम ट्रांसफर कर दिया। मृतक रिंपी अनेजा ने इस स्कैम को लेकर मुख्यमंत्री और स्थानीय निकाय विभाग तक गुहार लगाई थी, लेकिन रसूखदारों की पहुंच के कारण मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने जिन 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें शहर के नामी होटल मालिक, लोहा कारोबारी, शेयर ब्रोकर और बड़े कॉलोनाइजर शामिल हैं। एफआईआर में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के सुपरिटेंडेंट और ईओ के पीए हरप्रीत सिंह का नाम मुख्य रूप से सामने आया है, जिसका जिक्र रिंपी ने मरने से पहले बनाई अपनी वीडियो में भी किया है। बताया जा रहा है कि इस प्लॉट की बकाया करोड़ों की राशि को जमा करवाने में भी भारी हेरफेर की गई और बिना सरकारी मंजूरी के ही फाइलें पास कर दी गईं। जैसे ही एफआईआर में हरप्रीत सिंह और अन्य रसूखदारों के नाम सार्वजनिक हुए, ट्रस्ट के दफ्तर में हड़कंप मच गया और कई क्लर्क व स्टाफ सदस्य ड्यूटी बीच में ही छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
मृतक की पत्नी ने खोले राज
मृतक की पत्नी जसलीन कौर ने बताया कि उनके पति पिछले कई दिनों से आरोपियों के तानों और प्रताड़ना से टूट चुके थे। आरोपियों ने रिंपी अनेजा के करोड़ों रुपए दबा रखे थे और जब भी वह अपने पैसे मांगते, तो आरोपी उन्हें ‘मर जाने’ की सलाह देकर जलील करते थे। 6 मई की शाम रिंपी ने अपनी कार में सल्फास की गोलियां निगलने के बाद अपनी पत्नी और रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। फिलहाल थाना दुगरी पुलिस ने राजेश बंसल, पंकज गुप्ता, विनोद स्याल, खुशवंत सिंह, संजू गोयल और प्रॉपर्टी डीलर रिश्मजीत गाबा सहित अन्य के खिलाफ शिकंजा कस दिया है और मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।
