मध्य प्रदेश में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री और अपनी दादी इंदिरा गांधी की प्रतिमा और चित्र पर जूते उतारे बिना पुष्पांजलि अर्पित की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसको लेकर राहुल गांधी की आलोचना की। यह घटना नेता प्रतिपक्ष द्वारा भाजपा शासित मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए संगठन सृजन अभियान शुरू करने के लिए बैठकों की श्रृंखला की अध्यक्षता करने से ठीक पहले हुई।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता यहां हैं, लोकतंत्र में यहां सभी का स्वागत है। लेकिन बिना जूते उतारे अपनी दादी को पुष्पांजलि अर्पित करना ठीक नहीं है। यह हमारी परंपरा और संस्कृति के अनुरूप नहीं है। सीएम की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विंग प्रमुख मुकेश नायक ने कहा कि हम बहुत कर्मकांड करने वाले लोग नहीं हैं… संस्कार के नाम पर आंखों में धूल झोंकना, संस्कार के नाम पर देश में धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देना, संस्कार के नाम पर नकली लोगों को नकली कपड़े पहनाकर जनता के बीच खड़ा करना, भारत में ऐसे दिन खत्म हो चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि जनता इन सबसे तंग आ चुकी है, अब एक ही काम है: समतामूलक समाज बनाना और समावेशी दृष्टिकोण रखते हुए सबके विकास के बारे में सोचना। यही कांग्रेस की विचारधारा है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी को 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश दूसरा भाजपा शासित राज्य है, जहां कांग्रेस संगठन सृजन अभियान शुरू कर रही है। राहुल गांधी राज्य पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी), विधायकों और पूर्व सांसदों और संगठन सृजन अभियान के तहत अलग-अलग जिलों के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों के साथ कई बैठकें करेंगे। शाम को भोपाल से रवाना होने से पहले वह राज्य भर के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी संबोधित करेंगे।

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