रामनवमी के मौके पर बिहार के सासाराम जिले में हिंसा भड़क गया था। इस दौरान दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। जमकर आगजनी-पथराव हुआ था। इस हिंसा के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सासाराम दौरे को रद्द करना पड़ना था। अब इस हिंसा के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया गया है। बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद पर रामनवमी के दौरान दंगे भड़काने का आरोप है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात बिहार पुलिस ने भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद को उनके घर लष्करीगंज से गिरफ्तार किया है। भाजपा के पूर्व विधायक से पहले इसी मामले में पार्टी के तीन और नेताओं ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था।

जवाहर प्रसाद बिहार के सासाराम विधानसभा क्षेत्र से 5 बार विधायक रह चुके हैं। वो पहली बार 1990 में विधायक बने थे। बीते चुनाव में सासाराम विधानसभा सीट जेडीयू के खाते में चले जाने के कारण उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था। राज्य के अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी से उनकी एक बार फिर सशक्त दावेदारी मानी जा रही है। रामनवमी जुलूस के बाद सासाराम में हिंसा, पत्थरबाजी और आगजनी मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है।

सासाराम में रामनवमी जुलूस के बाद हुई हिंसा और पत्थरबाजी मामले में बीजेपी के 3 नेताओं ने शिवसागर थाने में सरेंडर किया था। सरेंडर करने वालों में डॉ शिवनाथ चौधरी, सोनू सिन्हा और रॉबिन केसरी शामिल हैं। शिवनाथ चौधरी और सोनू सिन्हा, सासाराम नगर बीजेपी के अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं। रॉबिन केसरी भी नगर बीजेपी में महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं।

बताते चले कि रामनवमी जुलूस के बाद सासाराम में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी। यहां रामनवमी की शोभायात्रा को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाई थी। पुलिस के धारा-144 लगाना पड़ा था। सासाराम में कई दिनों तक इंटरनेट बंद रखना पड़ा था। हिंसा पर सवाल होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की बात कही थी। अब बिहार पुलिस इसी कार्रवाई में जुटी है।

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