उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां ईरान-इजराइल युद्ध के चलते गैस आपूर्ति को लेकर लोग दहशत में हैं और एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस आपदा को अवसर बनाने में जुटे हैं। हापुड़ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय नेता अब्दुल रेहान के घर पर छापा मारा और वहां से 55 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए हैं।

किल्लत के बीच कालाबाजारी का खेल?
इलाके में पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर की भारी कमी की शिकायतें मिल रही थीं। आम जनता सुबह से शाम तक एजेंसियों के चक्कर काट रही थी, लेकिन उन्हें स्टॉक खत्म होने का बहाना बताकर लौटा दिया जाता था। इसी बीच प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि नेता अब्दुल रेहान के घर पर अवैध रूप से सिलेंडरों की जमाखोरी की जा रही है।

छापेमारी में खुला राज- स्टोर रूम में छिपा था खजाना
सूचना मिलते ही प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने रेहान के ठिकाने पर धावा बोल दिया। अधिकारियों ने जब घर के अंदर और स्टोर रूम की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देख दंग रह गए। एक-दो नहीं, बल्कि 55 भरे हुए सिलेंडर कतार में लगे थे। प्रशासन ने तुरंत सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया और जांच शुरू कर दी कि आखिर बिना किसी वैध लाइसेंस के इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री घर में कैसे जमा की गई।

जनता में भारी आक्रोश- ‘हमें लाइन में खड़ा किया, खुद सिलेंडर दबा लिया’
इस बरामदगी के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। निवासियों का कहना है कि जब वे एक-एक सिलेंडर के लिए मोहताज थे, तब नेताजी कालाबाजारी के लिए जखीरा जमा कर रहे थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इस खेल में गैस एजेंसियों की भी मिलीभगत है? आखिर एक साथ इतने सिलेंडर एक ही पते पर कैसे पहुंचे?

योगी सरकार का हंटर, अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही साफ कर दिया है कि जनता की जरूरतों की चीजों (Essential Commodities) की जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी आदेश के तहत पूरे प्रदेश में छापेमारी अभियान चल रहा है। हापुड़ प्रशासन अब उन एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगाल रहा है जहाँ से ये सिलेंडर सप्लाई किए गए थे।

मुकदमा दर्ज, पर मिली थाने से जमानत
हापुड़ देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज के मुताबिक, अब्दुल रेहान के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत 7 साल से कम की सजा होने के कारण आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी गई है। पुलिस ने साफ किया है कि जल्द ही मामले की चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।

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