उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर बीते मंगलवार को जीआरपी की टीम को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ, जिसकी कपड़े तो मैले-कुचैले थे लेकिन बैग एकदम नया और चमचमाता हुआ था। जब जवानों ने उसे रोका, तो उसने बहाना बनाते हुए कहा कि साहब वेटिंग टिकट था, फर्श पर लेटकर आया हूं, इसलिए कपड़े गंदे हो गए। लेकिन उसकी बात पर पुलिस को यकीन नहीं हुआ और जब उससे पूछताछ की गई, तो उसका झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया। तलाशी में उसके बैग से 2 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनके बारे में पूछने पर उसने बताया कि ये चोरी के फोन हैं।

कैसे पकड़ा गया आरोपी?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चारबाग जीआरपी प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह की टीम रेलवे स्टेशन पर चोरी, लूट, नशे की तस्करी और जहरखुरानी की घटनाओं को रोकने के लिए जांच अभियान चला रही थी। उसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 08/09 के आखिरी छोर पर, मजार के पास एक युवक तेजी से बाहर निकलने की कोशिश करता दिखा। जवानों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया।

कौन है आरोपी?
बताया जा रहा है कि युवक ने अपना नाम दीपांशु सिंह, निवासी कृष्णापल्ली, थाना आलमबाग बताया। उसने बताया कि वह ट्रेन से आया है लेकिन टिकट नहीं दिखा सका। संदेह बढ़ने पर जब उसका बैग चेक किया गया तो 2 महंगे मोबाइल फोन मिले। सख्ती से पूछताछ में उसने कबूला कि ये फोन ट्रेनों में यात्रियों से चोरी किए गए हैं और वह इन्हें बेचने की फिराक में था।

पुराना चोर निकला दीपांशु
GRP के मुताबिक दीपांशु सिंह एक शातिर किस्म का चोर है। वह ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को सोते समय या चढ़ते-उतरते समय निशाना बनाकर उनका मोबाइल, बैग और अन्य कीमती सामान चुरा लेता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। अब GRP ने दीपांशु सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वह चोरी का माल किन लोगों को बेचता था और उसके पीछे कोई गैंग तो नहीं है।

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