उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता धर्मात्मा निषाद की आत्महत्या मामले पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले में निषाद पार्टी के मुखिया और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगे हैं जिसके बाद अब संजय निषाद ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि वो और उनका परिवार हर तरह की जांच के लिए तैयार है.
संजय निषाद ने अपने आवास पर पार्टी के दिवंगत नेताओं के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आज निषाद पार्टी जिस मुकाम पर पहुंची है वो अपने कार्यकर्ताओं की बदौलत पहुंची है. पार्टी के सदस्यों की मेहनत और लगन की वजह से ही वो मंत्री बने हैं. इसी दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता धर्मात्मा निषाद की आत्महत्या को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया और कहा कि वो मेरे और मेरे परिवार पर इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं इसलिए वो चाहते हैं कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए.
संजय निषाद ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वो और उनका परिवार इस जांच के लिए तैयार हैं और वो इस मामले में सीबीआई का पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन हो और जो भी दोषी हो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. इस तरह के आरोपों से बचने का एक ही उपाय है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
बता दें कि निषाद पार्टी के कार्यकर्ता धर्मात्मा निषाद ने अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी थी. सुसाइड से पहले उसने फ़ेसबुक पर एक लंबा चौड़ा नोट लिखा था, जिसमें उसने संजय निषाद और उनके दोनों बेटों पर आरोप लगाए थे. धर्मात्मा ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘मैं अगर दुनिया छोड़कर जा रहा हूं तो इसका सबसे बड़ा कारण डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके बेटे प्रवीण कुमार निषाद तथा श्रवण कुमार निषाद और …गद्दार दोस्त जय प्रकाश निषाद हैं. मैं फिर कह रहा हूं कि अगर मैं मारना चाहता तो इन गद्दारों को कभी भी मार सकता था, लेकिन मैं हत्यारा नहीं बनना चाहता था.’’