मेरठ से हवाई उड़ान का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया। राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सुझाव पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नए रनवे के निर्माण की स्थिति में मेरठ से एटीआर-72 के उड़ान पर सहमति दी है। अब प्रदेश सरकार को उपलब्ध जमीन के आधार पर नए रनवे का निर्माण करना है। राज्यसभा सांसद का कहना है कि नया रनवे के निर्माण पर जल्द कार्रवाई होगी।

इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन संजीव कुमार ने बुधवार को प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल को मेरठ हवाई अड्डे का मास्टर प्लान जारी कर दिया। उन्होंने मेरठ के डा.भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी से बड़े विमानों के उड़ान के लिए दो चरणों में मास्टर प्लान पर निर्माण कार्य की आवश्यकता जताई गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने कहा है कि मेरठ से एटीआर-72 विमान के उड़ान के लिए 200 मीटर चौड़ी और 2280 मीटर लंबी जमीन में नए रनवे के निर्माण की जल्द आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश सरकार को सहमति देनी होगी। शासन की सहमति के आधार पर आगे की कार्रवाई एयरपोर्ट अथॉरिटी और नागरिक उड्डयन विभाग करेगा। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर मेरठ से हवाई उड़ान संभव हो सकेगा।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन के अनुसार मेरठ हवाई पट्टी का विकास दो चरणों में करना होगा। पहले चरण में हवाई पट्टी के विकास के लिए 300 एकड़ अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था करनी होगी। दूसरे चरण में बड़े विमान (एटीआर-321) के उड़ान के लिए 200 एकड़ अतिरिक्त जमीन की व्वस्था करनी होगी। वैसे दूसरे चरण में जमीन की व्यवस्था मांग के अनुसार बड़े विमानों के संचालन की व्यवस्था के तहत करनी होगी। राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रस्ताव के अनुसार हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 200 मीटर चौड़ी और 2280 मीटर लंबी जमीन उपलब्ध है।

हवाई उड़ान प्राथमिकता पर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने जो पत्र शासन को भेजा है, उससे साफ है कि अब मेरठ से हवाई उड़ान प्राथमिकता पर है। शीघ्र नए रनवे निर्माण को लेकर शासन से सहमति दिलाई जाएगी।

यह है फिलहाल मेरठ हवाई पट्टी की स्थिति

● हवाई पट्टी की वर्तमान जमीन 44.45 एकड़

● वर्तमान हवाई पट्टी का रनवे 1513 मीटर लंबाई और 23 मीटर चौड़ाई

● हवाई पट्टी के लिए सुरक्षित जमीन 81.34 एकड़

● उड़ान के लिए 2050 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा नया रनवे चाहिए

● अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता 300 एकड़

दूसरा चरण

● बड़े विमान के लिए रनवे 3500 मीटर लंबाई और 45 मीटर चौड़ाई

● हवाई पट्टी का अतिरिक्त विस्तार 1450 मीटर

● अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता 200 एकड़

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