एटा के जलेसर में सिपाही अंकित की मौत के बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में मुजफ्फरनगर के भौराखुर्द गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि अंकित से लगातार बात चल रही थी, किसी तरह की परेशानी में वह नहीं था।
मृतक अंकित के भाई आशीष ने बताया दो दिन पहले ही मोबाइल पर बात हुई थी। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था परीक्षाओं की तैयारी के लिए लैपटॉप लेकर आया था। घर में सभी से रोज फोन पर बात करता था, किसी प्रकार के तनाव दबाव की कोई बात नहीं थी। उसके आत्महत्या करने की बात हजम नहीं हो रही है। फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने का कोई लक्षण भी शरीर पर मौजूद नहीं था।
