मुंबई में जन्माष्टमी के पर्व पर शनिवार (16 अगस्त) को दही हांडी उत्सव के दौरान दुखद घटनाएं सामने आईं। अलग-अलग हादसों में दो गोविंदा की जान चली गई और करीब 95 लोग घायल हुए।

14 साल के गोविंदा की मौत

पहला मामला घाटकोपर इलाके से सामने आया। यहां 14 साल का रोहन मोहन मालवी, जो गांवदेवी गोविंदा पथक से जुड़ा था, अचानक बेहोश हो गया। वह आदर्श नगर (अंधेरी पूर्व) के एक टेम्पो में बैठा हुआ था। जानकारी के मुताबिक, रोहन हाल ही में पीलिया से पीड़ित था और इसी वजह से उसने दही हांडी फोड़ने की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। परिवार के लोग उसे तुरंत घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मानखुर्द में हादसा, एक और गोविंदा की मौत

दूसरी घटना मानखुर्द की है। यहां 32 साल के जगमोहन शिवकिरण चौधरी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे महाराष्ट्र नगर स्थित अपने घर की पहली मंजिल से रस्सी के सहारे दही हांडी बांध रहे थे। इसी दौरान वे नीचे गिर गए। उन्हें तुरंत शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

दही हांडी के दौरान 95 लोग घायल

नगर निगम के अनुसार, जन्माष्टमी पर आयोजित दही हांडी उत्सव में अब तक कुल 95 लोग घायल हुए। इनमें से 76 को इलाज के बाद घर भेज दिया गया, जबकि 19 लोगों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

दही हांडी का महत्व

जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे महाराष्ट्र में दही हांडी का आयोजन किया जाता है। इसमें ‘गोविंदा’ (प्रतिभागी) इंसानी पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी मटकी को फोड़ने की कोशिश करते हैं। यह परंपरा भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी हुई मानी जाती है।

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