यूपी के एटा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। 8 साल के एक बच्चे ने अपनी मां की मौत के बाद अकेले ही उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। बच्चा मां के शव के पास फर्श पर बैठकर बहुत देर तक रोता रहा। उसकी यह हालत देखकर पुलिस और अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह मामला जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का है। 45 साल की एक महिला अपने 8 साल के बेटे और 13 साल की बेटी के साथ रहती थीं। एक साल पहले महिला के पति की एचआईवी (एड्स) से मौत हो गई थी। उसके बाद महिला भी इसी बीमारी से पीड़ित हो गई। आठ दिनों से वे वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रही थी। 14 जनवरी की रात 10 बजे उसने दम तोड़ दिया।

बच्चा अकेला पहुंचा पोस्टमॉर्टम हाउस

मां की मौत के बाद सुबह 7 बजे 8 साल का बेटा अकेला ही मां का शव लेकर जिला मुख्यालय पहुंच गया। पोस्टमॉर्टम हाउस में शव को फर्श पर रखकर वह उसके पास बैठ गया। फफक-फफक कर रोता रहा। कभी कफन में लिपटी मां को देखता, कभी अपने आंसू पोंछता। पुलिस पंचनामा के लिए गवाहों का इंतजार करती रही। 17 घंटे बाद दोपहर 3 बजे कुछ रिश्तेदार पहुंचे, तब पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। बच्चे ने पुलिस को बताया कि परिवार के लोग उसकी मदद नहीं कर रहे। वे उसकी 5 बीघा जमीन हड़पना चाहते हैं। उसे परिवार से जान का खतरा है। बच्चे ने कहा कि मां के बीमार होने पर किसी रिश्तेदार ने सुध नहीं ली। अब मौत के बाद चाचा आदि पहुंचे हैं।

बेटे ने अकेले कराया मां का इलाज

बच्चे ने बताया कि पिता की मौत के बाद वह अकेला ही मां का इलाज करवाता रहा। उसने फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल, कानपुर के हैलट अस्पताल और दिल्ली तक मां को दिखाया। आठ दिनों से मां की हालत ज्यादा खराब थी, तब एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने मृत महिला के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी ली है। प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार होगा। राजस्व कर्मी भी भेजे गए हैं। पुलिस ने बच्चे की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

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