उत्तर प्रदेश विधानमंडल के एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस सत्र का स्वागत करते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी का स्पष्ट समर्थन जताया है।

विशेष सत्र में महिला आरक्षण मुद्दा केंद्र में
राज्य सरकार ने इस विशेष सत्र को महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने के मुद्दे पर केंद्रित किया है। सरकार इस दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।

2027 चुनाव से पहले सियासी रणनीति
विशेष सत्र को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक अहम राजनीतिक कदम माना जा रहा है। सत्तारूढ़ दल जहां विपक्ष को “महिला विरोधी” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, वहीं विपक्ष इस रणनीति का विरोध कर रहा है।

मायावती का बयान
मायावती ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मुद्दा लंबे समय से लंबित है, जो चिंताजनक है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।

बसपा का स्पष्ट रुख
बसपा प्रमुख ने साफ किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है और इस दिशा में उठाए गए कदमों का समर्थन करती है।  गौरतलब है कि महिला आरक्षण को लेकर यूपी की सियासत गर्म है। विशेष सत्र के जरिए यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है, जिसका असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।

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