दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 5 फरवरी को होने वाली हैं। ऐसे में इस समय दिल्ली में राजनीनिक ड्रामा देखने को मिल रहा हैं। चारों तरफ जबरदस्त तरीके से मैदान में उतरी सभी राजनीतिक पार्टियां अपना प्रटार कर रही हैं। ऐसे में भाजपा इस बार दिल्ली में एक प्रचंड जीत का दावा कर रही हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हाल ही में महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों की तरह दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भारी जीत की ओर अग्रसर है। गोयल ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर राजधानी के लोगों को स्वच्छ पेयजल, साफ हवा से वंचित करने और यमुना नदी के पुनर्जीवन जैसे अपने वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी वर्ग के लोगों को नरेन्द्र मोदी और उनकी गारंटियों पर भरोसा है, पांच फरवरी भाजपा के लिए मील का पत्थर और दिल्ली के लोगों के लिए स्वर्णिम दिन साबित होगा।’’ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि लोग अब ऐसी सरकार चाहते हैं जो दिल्ली के विकास में बाधा डालने के बजाय काम करे और सेवा करे। गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा की सभाओं में लोगों की भारी भीड़ आने का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘महाराष्ट्र और हरियाणा की जीत की तरह, भाजपा दिल्ली की सभी सीट पर भारी जनादेश के लिए तैयार है, इनमें वे सीट भी शामिल हैं जिन्हें पहले जीत पाना कठिन माना जाता था।’’
उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वांचलियों, उत्तराखंडियों और अन्य प्रवासी समुदायों के साथ दिल्ली के मूल वासियों सहित सभी वर्ग के लोगों ने भाजपा को समर्थन देने का मन बना लिया है। संवाददाता सम्मेलन में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कथित विफलताओं और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधूरे वादों पर एक वीडियो चलाया गया।
गोयल ने आप सरकार पर आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को अवरुद्ध करके और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को स्थायी आवास उपलब्ध न कराकर दिल्ली को विकास से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उसने दिल्ली में एक लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं लागू की हैं और इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के लोगों और उनके हितों की परवाह करते हैं। गोयल ने बताया कि हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट ने लगभग पूरे मध्यम वर्ग को आयकर के बोझ से मुक्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग पूर्व भाजपा मुख्यमंत्रियों मदन लाल खुराना और साहिब सिंह वर्मा के युग को फिर से जीना चाहते हैं, जब शहर में विकास की लहर थी और वे अब भाजपा को एक और मौका देने के लिए तैयार हैं। वर्ष 1993 में पहली बार दिल्ली की सत्ता में आयी भाजपा ने 25 साल से अधिक समय से राजधानी में विधानसभा चुनाव नहीं जीता है। दिल्ली में भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। दिल्ली में सत्तारूढ़ आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणी मुकाबला है। दिल्ली में 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और आठ फरवरी को मतगणना के साथ नतीजे घोषित होंगे।