देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’  के 101वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। पीएम का यह संबोधन सुबह 11 बजे से शुरू हुआ है। जिसमें उन्होंने कहा कि मन की बात से कई लोग एक मंच पर आए। ये जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने मन की बात में संग्रहालयों के महत्व के साथ ही जल संचय, युवा संगम को लेकर भी बात की और वीर सावरकर को भी याद किया। आइए 10 प्वाइंट्स में समझते हैं कि पीएम मोदी ने किन-किन मुद्दों पर बात की…

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 101वें एपिसोड में देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जब ‘मन की बात’ का प्रसारण हुआ, तो उस समय दुनिया के अलग-अलग देशों में, अलग-अलग टाइम जोन में, कहीं शाम हो रही थी तो कहीं देर रात थी। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोगों ने 100वें एपिसोड को सुनने के लिए समय निकाला।

2. पीएम मोदी ने आगे कहा कि बीते दिनों हमने मन की बात में काशी तमिल संगमम की बात की। सौराष्ट्र तमिल संगमम की बात की। कुछ समय पहले ही वाराणसी में काशी तेलुगू संगमम भी हुआ। एक भारत श्रेष्ठ भावना को ताकत देने वाला ऐसे ही एक और अनूठा प्रयास देश में हुआ है। ये प्रयास है युवा संगम का।
3. इस दौरान पीएम मोदी ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत योजना के तहत युवा संगम कार्यक्रम की चर्चा करते हुए प्रतिभागी से बात की। साथ ही अरुणाचल प्रदेश के छात्र ग्यामर न्योकुम ने बात की और संगम कार्यक्रम पर ब्लॉग लिख अपने अनुभव शेयर करने की सलाह दी।
4. प्रधानमंत्री ने इस दौरान जापान के दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले मैं जापन गया जहां मुझे हिरोशिमा पीस मेमोरियल में जाने का मौका मिला। ये एक भावुक कर देने वाला पल था। जब हम इतिहास की यादों को संजोकर रखते हैं तो आने वाली पीढ़ियों की बहुत मदद करताा है।
5. पीएम मोदी ने 101वें एपिसोड में कहा कि युवा संगम के पहले दौर में करीब 1200 युवाओं ने देश के 22 राज्यों का भ्रमण किया। हर कोई जो इसका हिस्सा रहा है, ऐसी यादें लेकर लौट रहा है, जो जीवन भर उनके दिलों में बसी रहेंगी।

6. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे बताया कि बीते वर्षों में भी हमने भारत में नए-नए तरह के म्यूजियम और मेमोरियल बनते देखे हैं। स्वाधीनता संग्राम में आदिवासी भाई-बहनों के योगदान को समर्पित 10 नए म्यूजियम बनाए जा रहे हैं।

7. गुरुग्राम के Museo Camera संग्रहालय का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम में एक अनोखा संग्रहालय है, म्यूजियो कैमरा, इसमें 1860 के बाद के 8 हजार से ज्यादा कैमरों का कलेक्शन मौजूद है।
8. तमिलनाडु के म्यूजियम ऑफ पॉजिब्लिटीज को हमारे दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय एक ऐसा म्यूजियम है, जिसमें 70 हजार से भी अधिक चीजें संरक्षित की गई हैं।
9. पीएम मोदी ने कहा कि हम सबने एक कहावत कई बार सुनी होगी, बार-बार सुनी होगी ‘बिन पानी सब सून।’ बिना पानी जीवन पर संकट तो रहता ही है, व्यक्ति और देश का विकास भी ठप्प पड़ जाता है। भविष्य की इसी चुनौती को देखते हुए आज देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है।

10. इस दौरान प्रधानमंत्री ने वीर सावरकर को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व दृढ़ता और विशालता से समाहित था। उनके निर्भीक और स्वाभिमानी स्वाभाव को गुलामी की मानसिकता बिल्कुल भी रास नहीं आती थी। स्वतंत्रता आंदोलन ही नहीं, सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए भी वीर सावरकर ने जितना कुछ किया उसे आज भी याद किया जाता है।

गौरतलब है कि 30 अप्रैल को मन की बात के 100वें एपिसोड का प्रसारण किया गया था। इस अवसर पर पीएम ने देश की जनता को बधाई देते हुए हा था कि बधाई के पात्र तो ‘मन की बात’ के श्रोता हैं, हमारे देशवासी हैं।

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