उत्तर प्रदेश मगहर महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बॉलीवुड के मशहूर गायक अल्ताफ राजा ने अपनी दमदार आवाज और सदाबहार गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. रात 9 बजे जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, पूरा पंडाल तालियों और सुरों से गूंज उठा. कबीर भूमि पर बिखरे सुरों के रंग ने संगीत प्रेमियों के लिए इस रात को यादगार बना दिया.
बॉलीवुड के सुपरस्टार सिंगर अल्ताफ राजा ने मंच पर माइक थामते ही एक के बाद एक अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल में रोमांच भर दिया. उन्होंने अपने मशहूर गीत ‘आवारा हवा का झोंका’ से शुरुआत की. इसके बाद ‘मेरी महबूबा… मेरी जिंदगानी है मेरी महबूबा’, ‘पर्दा है पर्दा, पर्दानशीं को बेपर्दा न कर दूं’, ‘जो मेरी रूह को चैन दे, प्यार दे’, ‘तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे’, ‘हम वो दीवाने हैं जो ताजा हवा लेते हैं’, ‘डम-डम डिगा-डिगा’, ‘ऐ मेरी जोहरा जबीं’, ‘हमें तो लूट लिया मिलकर हुस्न वालों ने’, और ‘बेवफा तेरा मासूम चेहरा भूल जाने के काबिल नहीं है’ जैसे गीतों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया.
फरमाइशी गीतों पर खूब नाचे दर्शक
श्रोताओं ने उनके गीतों पर झूमते हुए देर रात तक संगीत का आनंद लिया. हर गीत पर दर्शकों की फरमाइशें और तालियों की गूंज सुनाई देती रही. सदाबहार नगमों ने पूरे समां को बांध दिया और संगीत प्रेमियों के लिए मगहर महोत्सव की यह आखिरी रात यादगार बन गई. अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम का भरपूर लुत्फ उठाया.
अतिथियों ने किया स्मारिका का विमोचन
मगहर महोत्सव समारोह के अंत में अतिथियों ने मगहर महोत्सव स्मारिका 2026 का विमोचन भी किया. एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन, डीआईजी बस्ती रेंज संजीव त्यागी, डीएम आलोक कुमार, एसपी संदीप कुमार मीना और चेयरमैन मगहर नुरुज्जमा अंसारी ने स्मारिका का विमोचन किया. इस दौरान मुख्य अतिथि एडीजी मुथा अशोक जैन और एसपी ने गायक अल्ताफ राजा को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया. महोत्सव की यह अंतिम सांस्कृतिक संध्या संगीत प्रेमियों के लिए लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी.
