नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत शीघ्र ही हेल्थकेयर, फार्मा और मेडिकल उपकरणों के विनिर्माण का वैश्विक हब बनने की दिशा में अग्रसर है। देश का मेडिकल उपकरण क्षेत्र बाजार आने वाले सालों में 11 बिलियन डॉलर से 50 बिलियन डॉलर पहुंचने की उम्मीद है।

मंडाविया ने गुरुवार को आगामी 17 से 19 अगस्त तक जी-20 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन के साथ गुजरात के गांधीनगर में होने वाले इंडिया मेडटेक एक्सपो-2023 की घोषणा करने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हेल्थकेयर को वहनीय बनाने के लिए सरकार मेडिकल उपकरणों के स्थानीय विनिर्माण के साथ-साथ जेनेरिक दवाओं का हिस्सा वर्तमान 14 प्रतिशत से 50-60 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में कार्य कर रही है।

राज्यमंत्री भगवंत खुबा ने एक्सपो के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल विभाग की ओर से इंडिया मेडटेक एक्सपो 2023 पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इसमें आसियान, अफ्रीका, मध्य-पूर्व, ओसियाना के 50 देशों के 231 प्रतिनिधि भाग लेंगे। आईआईटी, आईआईएससी, एम्स, आईसीएमआर, सीएनसीआई, नीति आयोग, विश्व बैंक के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और चिकित्सा पेशेवर रोड-मैप पर विचार विमर्श करेंगे। एक्सपो में ‘फ्यूचर पवेलियन’ और ‘आरएंडडी पवेलियन’ में 70 से ज्यादा नवाचार और 60 से अधिक आरएंडडी प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे।

फार्मास्यूटिकल विभाग की सचिव एस. अपर्णा ने बताया कि एक्सपो में 150 से अधिक एमएसएमई, 150 से अधिक घरेलू और विदेशी विनिर्माता, स्टार्ट-अप, नियामक एजेंसियां, राज्य सरकारें और केंद्रीय विभागों के 400 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे। एक्सपो के दौरान मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और गुजरात सहित सात राज्य मंडप स्थापित कर रहे हैं। तीन-दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विषयगत सम्मेलन सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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