अमरगढ़ निवासी 65 वर्षीय नानक के बेटे मनोज की शुक्रवार को सगाई थी। दिनभर गांव में उत्सव जैसा माहौल था। रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा था, डीजे पर नाच-गाने का कार्यक्रम चल रहा था और पकवानों की दावत भी चल रही थी। घर में हर कोई उत्साहित था और हर कोना खुशियों से गुलजार था।

शाम को जैसे ही सगाई का मुख्य कार्यक्रम चल रहा था, नानक भी खुशी में डीजे पर नाच रहे थे। ग्राम प्रधान पुत्र नवीन लोधी ने बताया कि नानक ताऊ काफी जोश में थे और परिजनों के साथ नाचते हुए सगाई का आनंद ले रहे थे। लेकिन अचानक उनके शरीर में कमजोरी महसूस हुई और वह लड़खड़ाते हुए नीचे गिर पड़े।

देखते ही देखते वह बेहोश हो गए। परिजनों ने तुरंत उन्हें पास के निजी चिकित्सक के पास पहुंचाया, जहां से उन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। नानक को जहांगीराबाद के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

नानक की मौत की खबर जैसे ही परिवार और गांव वालों को मिली, खुशी का माहौल एकाएक मातम में बदल गया। जहां कुछ समय पहले नाच-गाना और ढोल-नगाड़े बज रहे थे, अब वहां रोने-धोने की आवाजें गूंजने लगीं। दूल्हे के पिता की मौत के बाद कार्यक्रम तुरंत स्थगित कर दिया गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

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