उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बुद्धा पार्क में प्रस्तावित शिवालय पार्क के निर्माण को लेकर उठा विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना को रद्द किए जाने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सरकार का आभार जताया है। हाल के दिनों में खबर आई थी कि कानपुर के कल्याणपुर इलाके में स्थित प्रसिद्ध बुद्धा पार्क में शिवालय पार्क विकसित करने तथा 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियाँ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था। यह कदम बौद्ध समुदाय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों के विरोध के चलते विवाद का केंद्र बन गया था।

मायावती की तीखी प्रतिक्रिया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस निर्णय को “सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में सही कदम” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा, “बुद्धा पार्क बौद्ध धर्म और अम्बेडकरवादियों के लिए आस्था का केंद्र है। वहां किसी अन्य धर्म का पूजा स्थल प्रस्तावित करना अनुचित था। मैं इस प्रस्ताव को रद्द करने के लिए सरकार का धन्यवाद करती हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयास संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत हैं और समाज में अशांति का कारण बन सकते हैं।

भीम आर्मी ने भी जताया था विरोध
बुद्धा पार्क प्रकरण पर केवल बसपा ही नहीं, बल्कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने भी विरोध दर्ज कराया था। दोनों नेताओं ने इसे बौद्ध अनुयायियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की थी।

धर्मनिरपेक्षता और सह-अस्तित्व की वकालत
मायावती ने दोहराया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जहां सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि भविष्य में इस प्रकार के विवादास्पद निर्णयों से बचने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दी जाए।

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