बस्ती जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक महिला कांस्टेबल को अपनी बीमार मां की सेवा के लिए छुट्टी मांगना इतना भारी पड़ गया कि उसे कोतवाल की बदसलूकी और अपमान का सामना करना पड़ा।

छुट्टी मांगने पर मिला ‘अपमान’ और ‘गालियां’
घटना बस्ती जिले की सदर कोतवाली की है। जहां 2019 बैच की महिला कांस्टेबल मेनका चौहान, जो मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली हैं। मेनका की मां की तबीयत खराब थी, जिसके लिए उन्हें छुट्टी चाहिए थी। मंगलवार को जब वह कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी के पास प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचीं, तो आरोप है कि कोतवाल आगबबूला हो गए। महिला सिपाही का कहना है कि कोतवाल ने उन्हें भद्दी गालियां दीं, मारने के लिए दौड़े और अपने हमराही (साथी सिपाही) से उन्हें पकड़ने को कहा। मेनका किसी तरह केबिन से बाहर निकल पाईं।

DIG दफ्तर के बाहर फफक-फफक कर रोई महिला सिपाही
न्याय की गुहार लगाने के लिए बुधवार को मेनका अपनी 5 साल की मासूम बेटी को लेकर डीआईजी संजीव त्यागी के कार्यालय पहुंचीं। डीआईजी को आपबीती सुनाने के बाद जब वह कार्यालय से बाहर निकलीं, तो गेट पर ही फूट-फूट कर रोने लगीं। उन्होंने बताया कि उन्हें छुट्टी तो नहीं मिली, उल्टा उन्हें ड्यूटी से ‘गैरहाजिर’ (Absent) भी कर दिया गया ताकि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा सके।

एसपी का बड़ा एक्शन: कोतवाल पर गिरी गाज
मामले के तूल पकड़ते ही बस्ती एसपी यशवीर सिंह ने कड़ी कार्रवाई की है। आरोपी कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी को तुरंत प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। मामले की गहराई से जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें एएसपी श्यामकांत और सीओ स्वर्णिमा सिंह शामिल हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि पूरी घटना कोतवाल के केबिन में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड है, जो जांच का मुख्य आधार बनेगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights