साल के अंत तक बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। तेजस्वी ने तो सीट बंटवारे के लिए महागठबंधन की बैठकें करना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच बिहार चुनाव में अपनी जनता पार्टी ने भी एंट्री की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। इस मौके पर स्वामी प्रसाद ने बिहार में हो रही वोटर लिस्ट के रीविजन पर भी सवाल उठाया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा जब EC ने पहचान पत्र बनाया है तो मतदाताओं को वोट देने से वंचित क्यों कर रही है। कहा कि चुनाव आयोग एक उच्च संवैधानिक संस्था है। निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ अपना कार्य करें, किसी के दबाव में नहीं। मौर्य ने प्रेस वार्ता में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
यूपी सरकार पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता में स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी सरकार पर भी हमला बोला। कहा कि सरकार कान में तेल डालकर बैठी है। कानून के राज से कोई मतलब नहीं है। सरकार की प्राथमिकता शराब की दुकानें बन गई हैं, बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की जिम्मेदारी सरकार की है। 13 लाख बच्चों की पढ़ाई छूट रही है। मौर्य ने कहा कि अगर सरकार नहीं चेतती है तो अब पूरे प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन होगा। सरकार अपने एजेंडे से पीछे हट रही है। कहा कि सरकार को मदिरालय और विद्यालय में कोई अंतर नहीं दिख रहा। मॉडल स्कूल के बजाय मॉडल शॉप खोल रहे हैं।
SIR के नाम पर मतदान से वंचित करने की तैयारी- मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिहार में SIR के नाम पर गरीब मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश की जा रही है। महाराष्ट्र के तहत ही बिहार में भी सरकार साजिश के तहत यह खेल रही है। मतदाताओं को रोकने के लिए साजिशन यह कदम उठाया जा रहा है। गांव में रहने वाले मजदूर गरीब के लिए साजिश है।
पीएम और चौकीदार का वोट बताया बराबर
मौर्य ने कहा कि कोई गरीब हो या अमीर या फिर किसी भी धर्म-जाति का। संविधान ने सभी को मतदान का अधिकार दिया। पीएम मोदी और चौकीदार के मतदान की वैल्यू एक ही है। वहीं अडानी के वोट की कीमत और उसके एक छोटे कर्मचारी के वोट की कीमत बराबर है।
