बिजनौर में शौच करने गई एक लड़की नाटकीय ढंग से लापता हो गई. परिजनों ने यह कहते हुए शोर मचा दिया कि उनकी बेटी को गुलदार उठा ले गया. इसके बाद गायब हुई बेटी को ढूंढने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला ड्रोन कैमरों और ग्रामीणों के साथ जुट गया. लेकिन शाम को लापता बेटी ने फोन कर घर वालों को बताया कि वह देहरादून पहुंच गई है. इसके बाद जहां घर वालों ने और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत के सांस ली तो वहीं पुलिस ने लड़की को देहरादून से बरामद कर लिया. 

दरअसल, पूरा मामला नहटौर के गांव राजपुर नन्हेड़ा का है. यहां के निवासी योगेश कुमार की 20 वर्षीय पुत्री साक्षी अपनी मां विनोद और बहन पूजा के साथ घर से कल सवेरे चारा लेने के लिए गई थी. रास्ते में पूजा ने अपनी मां से कहा कि वह शौच के लिए खेत में जा रही है. इस दौरान मां और बहन खेत के बाहर खड़े रहे. 

कुछ देर बाद ही साक्षी की मां के अनुसार, गन्ने के खेत से बेटी ने तीन बार आवाज लगाई. जब मां और उसकी बहन अंदर पहुंचे तो वहां पर साक्षी लापता थी और उसकी दोनों चप्पल वहीं पर पड़ी थी. मां ने बताया कि इस दौरान खेत के अंदर से तेज आवाज भी आई थी. इसलिए शक हुआ कि बेटी को गुलदार उठा ले गया है. 

शोर सुनते ही गांव के लोग लाठी-डंडों के साथ खेत पर पहुंच गए और उसे घेर लिया. इसकी सूचना तुरंत पुलिस और वन विभाग को भी दी गई. सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंच गईं और खेत के अंदर साक्षी की तलाश शुरू की. लेकिन साक्षी का खेत में कोई भी पता नहीं लगा. 

उधर, ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा था. उनका कहना था कि साक्षी को गुलदार ही उठा कर ले गया है और उसकी तलाश किया जाना आवश्यक है. इसके बाद सीओ धामपुर और एसडीएम धामपुर भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए. वहीं, लड़की को तलाश करने के लिए ड्रोन कैमरे को भी मौके पर बुलाया गया और ड्रोन कैमरे उड़ाकर साक्षी को कई घंटे तक खेतों में तलाश किया गया. मगर ना तो साक्षी की लाश मिली ना उसके कपड़े मिले और ना कोई ऐसी चीज सामने आई जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उसको गुलदार खींच कर ले गया है. 

शाम 6:00 बजे तक पूरा प्रशासनिक अमला और ग्रामीण साक्षी को खेतों में तलाशते रहे. इसी बीच साक्षी के भाई सचिन के मोबाइल  पर एक फोन आया जिसमें बताया कि वह साक्षी बोल रही है और वह इस समय देहरादून में है. परिजनों ने उसकी सही लोकेशन जानने के लिए उससे वीडियो कॉल पर बात की, जिसमें पुष्टि हुई कि साक्षी देहरादून में है.  

साक्षी के जिंदा देहरादून में मिलने पर जहां पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और वहीं ‘ऑपरेशन तलाशी’ को रोक दिया गया.  प्रशासनिक अधिकारी अपने घरों को वापस हो गए लेकिन घटना की सच्चाई जानने के लिए कि आखिर साक्षी गन्ने के खेत से लापता होकर देहरादून कैसे पहुंच गई इसके लिए पुलिस उसको देहरादून से लेने के लिए रवाना हो गई है. 

थाना प्रभारी धीरज नागर ने फोन पर बताया कि साक्षी को पुलिस ने देहरादून से बरामद कर लिया है और उसको लेकर बिजनौर आ रही है. साक्षी फिलहाल अकेले ही देहरादून में मिली है. वह किसके साथ गई थी और इसके पीछे क्या मकसद था, यह उसके आने के बाद ही पूछताछ में पता चलेगा. कोर्ट में भी उसके बयान कराए जाएंगे. 

डीएफओ जय सिंह ने बताया कि लड़की के गायब होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का पूरा अमला साक्षी को तलाशने में जुटा था. लेकिन खेत के अंदर किसी भी तरह के गुलजार के कोई पग चिन्ह या ऐसी चीज नहीं दिखाई थी जिससे यह साबित हो कि गुलदार ही साक्षी को ले गया है. बावजूद इसके तलाशी का काम चल रहा था लेकिन शाम को साक्षी ने खुद फोन करके अपने परिवार को बताया कि वह देहरादून में है. इससे साबित होता है कि यह घटना प्लान की गई थी. मुआवजा के लालच में ऐसी हरकत की गई मालूम चलती है. फिलहाल, जांच के बाद स्थिति साफ होगी.  

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