मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण गांवों में रहने वाले निर्धन और वंचित परिवारों के लिए अपने पक्के घर का सपना साकार कर रही है और इसी क्रम में गोरखपुर मंडल के चार जिलों में अब तक 19 हजार से अधिक जरूरतमंद मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से आच्छादित हुए हैं। गोरखपुर मंडल में इनमें से 17 हजार से अधिक खुद के पक्के मकान में रहने लगे हैं। इन आवासों के लिए सरकार करीब 219 करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह योजना उन वर्गों के लिए बड़ा सहारा बनी है जो किन्ही तकनीकी कारणों से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ नहीं ले पाए।

सीएम योगी के विजन से आवास योजना ग्रामीण भी संचालित
सरकार ने राज्य के प्रत्येक निराश्रित और पात्र परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का धरातल पर क्रियान्वयन परिणामजन्य नजर आता है। गोरखपुर मंडल में 199984 जरूरतों को पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत पक्के आवास स्वीकृत हुए और इनमें से 199103 के आवास बनकर पूर्ण भी हो गए। पीएम आवास योजना ग्रामीण को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने के साथ ही राज्य में सीएम योगी के विजन से मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण भी संचालित है। ऐसे जरूरतमंद जिन्हें पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका उन्हें सीएम आवास योजना में कवर किया जा रहा है। इसमें दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों और वनटांगिया, मुसहर जैसे विशेष पिछड़े समुदायों को प्राथमिकता पर रखा गया।

मिल रही ये सुविधा 
योगी सरकार सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को न केवल आवास निर्माण के लिए धनराशि दी जा रही है बल्कि उन्हें एक गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। आवास निर्माण के लिए प्रति लाभार्थी 1.20 लाख रुपये देने के अलावा उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। साथ ही सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन। गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में हर जरूरतमंद को पीएम आवास योजना और सीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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