गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषादराज जयंती के उपलक्ष्य में शृंग्वेरपुर धाम में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा और निषाद पार्टी की मित्रता को प्रभु श्रीराम और निषादराज जैसी बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण काल में जब प्रभु श्रीराम वनवास गामी हुए तब उनकी अपने बाल मित्र निषादराज से मुलाकात हुई। निषादराज ने उन्हें अपने महल में रहने के लिए कहा तो पिता का वचन बताकर भगवान राम ने मना कर दिया। निषादराज ने भगवान को न सिर्फ गंगा पार कराई, बल्कि यमुना पार कराकर चित्रकूट तक ले गए, यह मित्रता का अद्भुत संगम था।
गुरुवार को इससे पूर्व शृंग्वेरपुरधाम पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने पहले गंगा पूजन किया फिर निषादराज और भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर निषाराज पार्क में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद मंच पर आए सीएम ने सभा को सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में इतना बड़ा महाकुम्भ हुआ तो आज वो मां गंगा, भगवान प्रयागराज, द्वादश माधव, भरद्वाज मुनि और नागवासुकि महाराज के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने आए हैं। सीएम ने कहा कि अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना अच्छा है। पहले की सरकारों ऐसा नहीं करती थीं। ऐसा करने से उनका वोट बैंक खिसकता था लेकिन भाजपा की डबल इंजन की सरकार ऐसा कर रही है।