हरियाणा के गुरुग्राम में बीते सोमवार को एक निर्माण स्थल पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद, सरकार ने पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की है। केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने बृहस्पतिवार को गुरुग्राम पहुँचकर हादसे में जान गंवाने वाले सात श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें 20-20 लाख रुपये के चेक सौंपे।

गुरुग्राम के उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि प्रत्येक परिवार को हरियाणा सरकार के भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) कल्याण कोष से अतिरिक्त 4 लाख रुपये और श्रमिक मुआवजा अधिनियम के तहत 15 लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह प्रत्येक परिवार को लगभग 40 लाख रुपये की कुल वित्तीय सहायता मिलेगी। मृतकों में से छह झारखंड के थे जबकि एक राजस्थान का था। यह घटना सोमवार शाम को गुरुग्राम जिले के सिधरावली गांव में निर्माणाधीन स्थल पर हुई।

 

अधिकांश मृतक झारखंड के निवासी

इस भीषण हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सात श्रमिकों में से छह झारखंड के रहने वाले थे, जबकि एक श्रमिक राजस्थान का था। झारखंड से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है।

घटना का विवरण:

हादसा कब हुआ: सोमवार शाम।

स्थान: गुरुग्राम जिले का सिधरावली गांव।

वजह: एक निर्माणाधीन स्थल पर अचानक मिट्टी धंसने (Soil Collapse) के कारण श्रमिक मलबे में दब गए थे।

निर्माण स्थलों पर सुरक्षा का सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिट्टी धंसने के कारण: अक्सर गहरी खुदाई के दौरान उचित ‘शॉरिंग’ या दीवार का सहारा न देना ऐसे हादसों का कारण बनता है।

प्रशासनिक जांच: उपायुक्त ने बताया कि इस मामले में लापरवाही की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपील: प्रशासन ने सभी बिल्डरों और ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे मजदूरों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न करें और कार्यस्थल पर सभी अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करें।

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