प्रदेश में पराली जलाने पर रोक और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पशुपालन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग अब किसानों के खेतों से सीधे पराली एकत्र करेगा, ताकि इसे जलाने के बजाय पशु आहार के रूप में उपयोग किया जा सके। इसके लिए राज्यभर में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो 15 नवंबर तक जारी रहेगा।

अभियान के तहत पराली को इकट्ठा कर प्रोसेस किया जाएगा, जिससे पशुओं के लिए चारा तैयार किया जा सकेगा। इस पहल से जहां किसानों को राहत मिलेगी, वहीं पराली जलाने से होने वाले धुएं और प्रदूषण में भी कमी आएगी। विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश भेज दिए हैं और किसानों से सहयोग की अपील की है।

सरकार का मानना है कि यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि किसानों और पशुपालकों-दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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