बिहार चंदन मिश्रा हत्याकांड में आरोपियों ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। शूटर तौसीफ बादशाह ने दावा किया कि चंदन मिश्रा को मारने के लिए हथियार बक्सर से आए थे। हॉस्पिटल में पांचों शूटर ने मिलकर चंदन को 28 गोलियां मारी थीं।
पटना पुलिस लगातार तौसीफ बादशाह से पूछताछ कर रही है। दूसरे दिन भी पुलिस ने उससे करीब 5 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तौसीफ भावुक हो गया और उसने बताया कि उसने जुए में 20 लाख रुपये गंवा दिए थे इससे उसके ऊपर कर्ज हो गया था। ऐसे में उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
नशे में थे पांचों शूटर
17 जुलाई की सुबह जब पांचों शूटर हॉस्पिटल पहुंचे थे वे सभी लोग नशे में थे। इसके बाद तौसीफ बादशाह, बलवंत, रविरंजन, मोनू और नीलेश ने चंदन को 28 गोलियां मारी थीं। पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की दो गाड़ियां काम में लाई गई। इनमें से एक बाइक बरामद हो चुकी है जबकि दूसरी की तलाश की जा रही है।
हॉस्पिटल के कर्मचारी से क्या बोला तौसीफ?
तौसीफ बादशाह ने आगे कहा कि उससे हॉस्पिटल में एक कर्मचारी से कहा कि उसके चाचा भर्ती हैं। इसके बाद कर्मचारी ने उसे बिना किसी जांच के अंदर जाने दिया। वारदात के बाद आरोपी हॉस्पिटल के सीसीटीवी में भागते हुए नजर भी आते हैं। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी तौसीफ पहले अपने घर गया और बहन से बोला कि वह उसे गया छोड़ देगा। इसके बाद सभी आरोपी गया पहुंचे और वहां से कोलकाता भाग गए।
हरेक शूटर को मिलने थे 5 लाख रुपये
पूछताछ में तौसीफ ने एक और बड़ा खुलासा किया। उसने कहा कि वह शेरू से परिचित नहीं था लेकिन उसके मौसेरे भाई नीशू खान से शेरू की पुरुलिया जेल में मुलाकात हुई थी और वहीं से साजिश की शुरुआत भी हुई। शेरू ने नीशू को चंदन को मारने की सुपारी दी थी। इसमें प्रत्येक शूटर को 5-5 लाख रुपये मिलने थे। इसके बाद अब तक किसी को कोई भुगतान नहीं किया गया है।
