पटना जंक्शन पर उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस की वर्दी पहने दो बदमाशों ने एक सोने-चांदी के कारोबारी के साले से 22.50 लाख रुपये की नकदी लूट ली। यह वारदात 29 दिसंबर 2025 की रात की है। पीड़ित ने तुरंत जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद रेल पुलिस ने महज 72 घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। इस घटना ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे दिया बदमाशों ने लूट को अंजाम?
पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने अपने साले दीपक कुमार को वैशाली से चांदी के गहने पटना के बाकरगंज स्थित एक ज्वेलरी दुकान में डिलीवर करने भेजा था। गहने सौंपने के बाद दीपक 22.50 लाख रुपये का कैश बैग में लेकर पटना जंक्शन वापस लौट रहा था। तभी पुलिस की खाकी जैकेट पहना एक शख्स उसके पास पहुंचा और शाम होने का हवाला देकर बैग की “चेकिंग” के नाम पर उसे प्लेटफॉर्म 1 से 6 और फिर 7 तक ले गया।
वहां एक खाली ट्रेन बोगी में पहले से मौजूद दूसरे साथी के साथ मिलकर बदमाशों ने दीपक को धमकाया, बैग छीना और 22.50 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। बदमाशों ने मोबाइल में जीआरपी थानेदार का नंबर सेव करके पीड़ित को और डराया था।
72 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी
जीआरपी एसपी इनामुल हक के नेतृत्व में टीम ने तेजी से कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक झा (खुसरूपुर निवासी) और राजा कुमार (करबिगहिया इलाके का रहने वाला) के रूप में हुई है। दोनों पिछले तीन महीनों से पटना जंक्शन पर पानी की बोतलें बेचते थे और उसी की आड़ में छिनतई की योजना बनाते थे। दोनों किराए के कमरे में साथ रहते थे।
पूछताछ में पता चला कि घटना की रात पीड़ित का बैग देखकर उन्हें लगा कि इसमें शराब है। इसी बहाने उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने राजा से 9 लाख और दीपक झा से 10 लाख रुपये बरामद किए हैं। बाकी रकम की तलाश में छापेमारी जारी है। इतनी बड़ी राशि होने के कारण इनकम टैक्स विभाग को भी सूचना दे दी गई है।
यह घटना रेलवे स्टेशनों पर फर्जी पुलिस वर्दी पहनकर होने वाली ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है। यात्रियों से अपील है कि कोई भी व्यक्ति बैग चेकिंग के नाम पर ले जाए तो सतर्क रहें और असली पुलिसकर्मी से संपर्क करें।
