मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शिक्षक दंपति ने अपनी नौकरी जाने के डर से तीन दिन के मासूम नवजात को जंगल में पत्थरों के नीचे दबाकर मरने के लिए छोड़ दिया। सौभाग्य से राहगीर की सूचना पर पुलिस ने शिशु को जीवित हालत में बरामद कर अस्पताल में भर्ती कराया।

जंगल में मिला नवजात

धनोरा चौकी क्षेत्र के ग्राम नांदनवाड़ी में रविवार रात को राहगीर ने सूचना दी कि रोड घाट के जंगल में पत्थरों के बीच एक नवजात दबा हुआ पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची और शिशु को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

PunjabKesari

चौथी संतान से डर गया शिक्षक

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी माता-पिता बबलू डांडोलिया और राजकुमारी डांडोलिया ग्राम सिधौली, थाना तामिया के रहने वाले हैं। बबलू डांडोलिया 2009 से नांदनवाड़ी के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है। दंपति के पहले से ही तीन बच्चे हैं—आठ, छह और चार साल के। चौथी संतान होने पर उसे अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा था, जिसके चलते उन्होंने नवजात को जंगल में फेंकने का अमानवीय कदम उठा लिया।

अपराध कबूल, जेल भेजे गए

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बटकाखापा टीआई अनिल राठौर ने बताया कि आरोपी शिक्षक ने अपराध स्वीकार कर लिया है। उस पर पहले 93 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया था, जिसे बढ़ाकर धारा 307 भी जोड़ा गया है। वहीं, एसडीओपी कल्याणी बरकडे ने कहा कि शिशु का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। वहीं लोगों में सनसनी फैली हुई है और सवाल उठ रहे हैं कि नौकरी बचाने के डर से कोई माता-पिता इतना निर्दयी कैसे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights