मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद शहर के गली मोहल्लों से एकत्र कूड़े को इकट्ठा करने के लिए बंद कूड़ा घरों का निर्माण करा रही है। पालिका प्रशासन की ओर से पांच स्थानों का चयन किया गया था। इनके लिए पालिका ने टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन दो स्थानों के लिए टेंडर नहीं आ पाए। जबकि तीन में से एक स्थान पर बंद कूड़ा घर के निर्माण में भी पेंच फंस जाने के कारण अब पालिका प्रशासन ने पहले दो स्थानों पर ही बंद कूड़ा घर का निर्माण कराने की तैयारी की है।
शहर में कूड़ा घर ज्यादातर खुले हैं और मुख्य मार्गों पर सड़कों की ओर ही इनका मुंह खुला हुआ है, जिस कारण सड़कों से गुजरते हुए कूड़ा और गंदगी ही नजर आती है। ईओ प्रज्ञा सिंह ने खुले कूड़ा घरों को लेकर मुहिम शुरू की और उनकी ओर से सबसे पहले जिला अस्पताल के बाहर रुड़की रोड पर स्थित कूड़ा घर को बंद कराया गया है। इसके लिए बरसों से मांग भी हो रही थी। इसके साथ ही पालिका प्रशासन की ओर से अब शहर में पांच स्थानों पर बंद कूड़ा घरों का निर्माण कराए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें अभी केवल दो स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी की गई है।
ईओ प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पालिका के निर्माण विभाग द्वारा चेयरपर्सन की स्वीकृति के उपरांत शहर के पांच स्थानों रामलीला टिल्ला, ईदगाह के सामने प्रेमपुरी, आईटीआई के समक्ष मेरठ रोड, रजबहा रोड श्मशान घाट के पास और जिला अस्पताल के बाहर रुड़की रोड पर बंद कूड़ा घरों का निर्माण कराने की तैयारी की है। इसमें से दो कूड़ा घरों के निर्माण के लिए ठेकेदार फर्म को अनुबंध होने के उपरांत पालिका की ओर से वर्क ऑर्डर जारी करते हुए समय से निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। ये दो कूड़ा घर आईटीआई मेरठ रोड और रजबहा रोड नई मंडी क्षेत्र में बनवाए जा रहे हैं।
सहायक अभियंता निर्माण अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के तहत शहर में पांच कूड़ा डलाव घरों के निर्माण के लिए स्थान चयनित कर प्रक्रिया शुरू की गई। इनमें रामलीला टिल्ला और ईदगाह प्रेमपुरी के लिए कोई टेंडर नहीं आने पर उनकी दोबारा निविदा मांगी जा रही है। तीन कूड़ा घरों जिला अस्पताल, आईटीआई और रजबहा रोड के टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से जिला अस्पताल का डलाव घर ईओ द्वारा बंद करा दिए जाने से यहां पेंच फंसा है।
