दिल्ली सरकार ने अपने विभागों और एजेंसियों को संसाधनों की मौजूदा स्थिति एवं नकदी के बेहतर प्रबंधन के मद्देनजर एक करोड़ रुपये से अधिक के किसी भी व्यय के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इससे पहले कहा था कि पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार राजधानी में नयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के लिए खाली खजाना छोड़ गई है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी मौजूदा चुनौतियों के बावजूद दिल्ली के लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करेगी।
हाल ही में जारी एक आदेश में दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने कहा कि संसाधनों की वर्तमान स्थिति और नकदी प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक के किसी भी व्यय के लिए उसकी पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
हालांकि, इसमें वेतन, सभी भत्ते (बकाया सहित), मजदूरी, आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, सुरक्षा और स्वच्छता, बिजली और पानी की आपूर्ति से संबंधित व्यय शामिल नहीं होंगे।