दिल्ली में नशे का जाल फैला रही नेपाली ड्रग सप्लाई गैंग का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के पांच तस्करों को धर दबोचा. तस्करों के कब्जे से करीब 4 किलो उच्च गुणवत्ता वाली चरस, एक ऑल्टो कार, 9 मोबाइल फोन, 42,280 रुपये नकद और ड्रग पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है. दिल्ली-NCR में नशे का अड्डा बना यह गिरोह नेपाल से भारी मात्रा में चरस मंगवाकर युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था.

DCP रवि कुमार सिंह के मुताबिक, नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए इंस्पेक्टर विष्णु दत्त के नेतृत्व में एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की एक विशेष टीम लगातार नशे के कारोबारियों के बारे में जानकारियों को विकसित करने में जुटी हुई थी. इसी क्रम में 22 फरवरी 2025 को हेड कांस्टेबल प्रदीप को पुख्ता सूचना मिली कि नेपाली मूल के कुछ लोग अमर कॉलोनी क्षेत्र में चरस की आपूर्ति में लिप्त हैं.

उन्होंने बताया कि इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ऑल्टो कार को रोका, जिसमें दो आरोपी साजित थुलुंग (24) और रमन रत्रा (49) मौजूद थे. तलाशी के दौरान उनके पास से 291 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए. इसके आधार पर अमर कॉलोनी थाने में NDPS एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया.

छापेमारी में मुख्य सरगना भी गिरफ्तार
गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उनकी गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश शुरू की. तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने गढ़ी गांव स्थित उनके ठिकाने पर छापा मारा, जहां से दो और नेपाली तस्कर सुनील लामा (26) और शिवराज राय (22) को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान उनके पास से 3.674 किलोग्राम चरस, 20,280 रुपये नकद, 4 मोबाइल फोन और ड्रग पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई.

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना राम को पकड़ने के लिए एक खास ऑपरेशन चलाया और 24 फरवरी 2025 को श्रीनिवासपुरी इलाके में स्थित उसके ठिकाने पर छापा मार कर उसे भी दबोच लिया. उसके पास से 3 मोबाइल फोन और 22,000 रुपये नकद बरामद हुए.

गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अमर कॉलोनी क्षेत्र में रहकर नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे. इस गिरोह का संचालन नेपाली मूल का राम कर रहा था, जो नेपाल से बड़ी मात्रा में चरस लाकर दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा में सप्लाई करता था. गिरोह के सदस्य साजित थुलुंग, सुनील लामा और शिवराज राय सक्रिय रूप से इसकी डिलीवरी में शामिल थे, जबकि रमन रत्रा अपनी कार के जरिए इनकी मदद करता था.

पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं. गिरोह का मुख्य सरगना राम दिल्ली में होटल चलाता था. साजित थुलुंग गढ़ी गांव में मोमो का स्टॉल चलाता था. रमन दिल्ली के कालकाजी में रहता है और ड्राइवर का काम करता है. यह चरस की सप्लाई के लिए कार मुहैया कराता था. सुनील लामा और शिवराज राय भी नशे के धंधे में शामिल हैं और इस ड्रग सप्लाई नेटवर्क का अहम हिस्सा हैं.

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य लिंक और सप्लाई चैन को खंगाल रही है, ताकि इस अवैध धंधे को पूरी तरह खत्म किया जा सके. आगे की जांच जारी है.

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