भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे के गणेशपुर–देहरादून खंड पर ढलान स्थिरीकरण के कार्यों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के मददेनजर मार्ग परिवर्तन योजना लागू की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले माह इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था।
अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के लगभग 1.25 किलोमीटर हिस्से पर आठ जून तक मार्ग परिवर्तन लागू रहेगा और यातायात संचालन एवं यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे ‘फ्लैगमैन’ तैनात रहेंगे। हालांकि, एक्सप्रेसवे का शेष भाग सामान्य यातायात संचालन हेतु खुला रहेगा। देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर ’14+650′ पर बायीं तरफ (एलएचएस) से दायी तरफ (आरएचएस) चलना होगा। उन्हें लगभग 1.250 किलोमीटर तक ऐसा करना होगा। उसके बाद डाट काली सुरंग से पहले एलएचएस किलोमीटर 1’5+900′ पर यातायात को पुनः एलएचएस कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा।
दिल्ली एवं सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डाट काली सुरंग (आरएचएस) पार करने के बाद पुराने राजमार्ग खंड पर भेजा जाएगा। लगभग 1.3 किलोमीटर पुराने हाईवे मार्ग का उपयोग करने के पश्चात यातायात को पुनः दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे के आरएचएस कैरिजवे (14+650) पर वापस लाया जाएगा। ढलान स्थिरीकरण के काम को वर्षा ऋतु से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित कार्यों के तहत पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग एवं अतिरिक्त मलबे को हटाने का कार्य किया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का गणेशपुर-देहरादून खंड पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस खंड के कुछ हिस्सों के चौड़ीकरण कार्य में पहाड़ों की कटाई की गई है। एक्सप्रेसवे पर पत्थरों के गिरने की आशंका को देखते हुए एनएचएआई द्वारा संवेदनशील स्थानों पर पहले ही स्टोन कैचर लगाए जा चुके हैं ।
