आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बयान पर बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आरजेडी की मानसिकता संविधान विरोधी है, जिसका उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना और उनके खिलाफ भ्रम का माहौल बनाना है। आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन बंगाल की राह पर चल पड़ा है और ममता बनर्जी का प्रभाव साफ दिख रहा है। उन्होंने दावा किया कि ये अब भारत के लोग नहीं रहे, ये बांग्लादेशियों की भाषा बोलने लगे हैं। 

भाजपा नेता ने कहा कि जब भारत का चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ मतदाताओं का सत्यापन करके 100% मतदान सुनिश्चित करना चाहता है, तो ऐसे लोग क्यों बेचैन हैं? उन्होंने कहा कि जंगलराज में काम कर रहे ये लोग अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि अगली बार उनकी सरकार नहीं बनेगी… ऐसी मानसिकता वाले लोग संविधान विरोधी, लोकतंत्र के दुश्मन हैं और परिवारवाद को बढ़ावा देने के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं।

आपको बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने चुनावी राज्य बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के निर्देश जारी किए हैं। इसका मतलब है कि बिहार के लिए मतदाता सूची नए सिरे से तैयार की जाएगी। अब इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए है। तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की घोषणा की है। इसका मतलब है कि 8 करोड़ बिहारियों की मतदाता सूची को दरकिनार कर दिया गया है और एक नई सूची बनाई जाएगी। 

तेजस्वी से सवाल किया कि चुनाव से 2 महीने पहले ऐसा क्यों किया जा रहा है? क्या 25 दिनों के भीतर आठ करोड़ लोगों की मतदाता सूची बनाना संभव है? मांगे गए दस्तावेज़ ऐसे हैं जो गरीबों के पास शायद ही हों। हमारा प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से संपर्क करेगा। सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी डरे हुए हैं। वे चाहते हैं कि गरीबों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाए। वे समाज के गरीब तबके से वोट देने का अधिकार छीनना चाहते हैं। 

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