बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं, क्योंकि अब उनके खिलाफ 2 वोटर कार्ड मामले में पटना के दीघा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई है। शिकायत वकील राजीव रंजन ने दर्ज कराई है, लेकिन शिकायत पर अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। वहीं भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने पहले ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव को नोटिस भेजा हुआ है।

नोटिस में कहा गया है कि तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना एक मतदाता पहचान पत्र दिखाया था और दावा किया था कि उनका EPIC नंबर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं मिला है। लिस्ट में उनका नाम ही नहीं है, जबकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया वोटर कार्ड चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया था। इसलिए तेजस्वी यादव उस EPIC नंबर का ब्यौरा जांच के लिए सौंपें, जो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया था।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद शुरू हुआ विवाद?

बता दें कि बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी यादव 2 वोटर आईडी कार्ड (EPIC नंबर) रखने के विवाद में फंस गए हैं। मामला 1 अगस्त 2025 को बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद शुरू हुआ था। तेजस्वी यादव ने 2 अगस्त 2025 को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया था कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। तेजस्वी ने कहा था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है।

तेजस्वी ने EPIC नंबर RAB2916120 दिखाते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर यह नंबर सर्च करने पर नो रिकॉर्ड फाउंड का मैसेज आया, जिसे उन्होंने ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार दिया। वहीं तेजस्वी के दावे का चुनाव आयोग ने खंडन किया और कहा कि मतदाता सूची में तेजस्वी यादव का नाम है। उनका नाम सीरियल नंबर 416 पर दीघा विधानसभा क्षेत्र में है और उनका वैध EPIC नंबर RAB0456228 है, जिसका उपयोग उन्होंने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में किया था।

आयोग ने किया तेजस्वी के दावे का खंडन

चुनाव आयोग ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया EPIC नंबर RAB2916120 चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं मिला, इसलिए चुनाव आयोग ने उस नंबर को संदिग्ध माना है। चुनाव आयोग ने तेजस्वी को नोटिस भेजकर EPIC नंबर RAB2916120 के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें यह संदेह जताते हुए कि जांच करने की बात कही गई है कि यह नंबर फर्जी हो सकता है या अवैध तरीके से बनवाया गया होगा। इसलिए चुनाव आयोग दोनों वोटर कार्ड की जांच करेगा।

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