ड्रोन से जुड़ी अफवाहें और बिना अनुमति उड़ान अब भारी पड़ सकती हैं। मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बुधवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सिर्फ ड्रोन ही नहीं, रात में उड़ने वाले किसी भी उपकरण-चाहे वह खिलौना ही क्यों न हो-पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डीआईजी नैथानी ने बुलंदशहर और मेरठ के हालिया मामलों का हवाला देते हुए बताया कि कुछ स्थानों पर ड्रोन की उड़ान को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाई गईं, जबकि पुलिस ने उन सभी मामलों का तुरंत खंडन किया था। उन्होंने कहा कि अब ऐसे मामलों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

ड्रोन नीति का उल्लंघन नहीं होगा बर्दाश्त
डीआईजी ने कहा, “ड्रोन कोई साधारण खिलौना नहीं है। इसके संचालन के लिए भारत सरकार की ड्रोन नीति और उत्तर प्रदेश की 2023 की ड्रोन सुरक्षा समिति नीति के तहत कड़े नियम बनाए गए हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना – दोनों ही गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएंगे।

ड्रोन धारकों का होगा पंजीकरण
प्रत्येक थाने में अब ड्रोन रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसमें सभी ड्रोन धारकों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे गैरकानूनी गतिविधियों पर निगरानी आसान होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

अब खेल-खेल में ड्रोन उड़ाने का दौर खत्म
डीआईजी नैथानी ने दो टूक कहा, “अब वह समय चला गया जब लोग शौक या मनोरंजन के लिए ड्रोन उड़ाया करते थे। ये अब सुरक्षा का विषय है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

पुलिस की नजर अब जमीन ही नहीं, आसमान पर भी
पुलिस प्रशासन अब सिर्फ जमीन पर नहीं, आकाश में भी निगरानी कर रहा है। बेवजह ड्रोन उड़ाने या फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी पूरी है।

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