दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मामले में अबतक अलग-अलग शहरों में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। संदिग्ध आतंकी गतिविधियों में शाहीन शाहिद को भी पकड़ा गया है। डॉ. शाहीन का कानुपर से कनेक्शन किया है, जिसके बाद यहां भी पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने शाहीन के संबंधों का खुलासा होने के बाद एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।

टीम शहर में रह रहे पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की जांच करेगी। साथ ही संदिग्ध लोगों का वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। जो लोग शाहीन से जुड़े हैं, उन पर खास निगरानी रखी जा रही है।

शाहीन के पूर्व पति और बेटे-बेटी से पूछताछ

कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि शाहीन की गिरफ्तारी के बाद उसके पूर्व पति डॉक्टर जफर हयात से 3 घंटे तक पूछताछ की गई है। इसके अलावा शाहीन के बेटे और बेटी से भी पूछताछ हुई है। उन्होंने कहा कि शाहीन का कनेक्शन सामने आने के बाद कानपुर में पाकिस्तानी बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के खिलाफ जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया है। उनकी जांच होगी और सभी का सत्यापन किया जाएगा। शाहीन से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रहने वाली डॉ. शाहीन शाहिद संदिग्ध आतंकी मुजम्मिल की करीबी है। इसकी कार से राइफल बरामद हुई, ये भी अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाती थी। शाहीन को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था।

मसूद अजहर की बहन के सीधा संपर्क में थी शाहीन

खबर है कि लेडी डॉक्टर शाहीन सईद को आतंकी संगठन जैश से फंडिंग होती थी। जैश के इशारे पर वेस्टर्न यूपी में कई जगह महिला विंग के लिए शाहीन रिक्रूटमेंट सेंटर खोलने में लगी थी। शाहीन सहारनपुर और हापुड़ में मिनी रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए कोई ऐसी जगह ढूंढ रही थी, जो शहर से थोड़ा बाहरी इलाके में हो और वहां लोगों की गतिविधियां कम हो।

जांच एजेंसियों को शक है कि शाहीन के जरिए ही इस मॉड्यूल को जैश की तरफ से टेरर फंडिंग हो रही थी। वहीं, शाहीन गरीब मुस्लिम बच्चियों और महिलाओं के लिए मदरसे और इरफान जकात के नाम पर फंड इकट्ठा कर रही थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इसका इस्तेमाल विस्फोटक और रेकी में किया गया। शाहीन सीधे मसूद अजहर की बहन सहीदा अजहर के संपर्क में थी।

कानपुर की इस यूनिवर्सिटी में काम करती थी शाहीन

डॉ. शाहीन एक समय पर कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रकाम कर रही थी। अगस्त 2006 में उसका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए और कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में नौकरी कर रही थी। 6 महीने के लिए 2009 में उसे कन्नौज मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया। बाद में 2010 में वो फिर कानपुर आई। कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार डॉ. शाहीन 2013 में अचानक कॉलेज से अनुपस्थित हो गई थीं और इसके बाद वो नहीं लौटीं।

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