भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म Jane Street को भारतीय शेयर बाजार में हेराफेरी के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी ने फर्म को ₹4,844 करोड़ की अवैध कमाई लौटाने (disgorge) का आदेश देते हुए कहा है कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी राशि वापस नहीं कर दी जाती।
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण द्वारा जारी 105 पेज के आदेश में कहा गया है कि Jane Street ने इंडेक्स ऑप्शंस ट्रेडिंग में अनुचित तरीके अपनाकर भारी मुनाफा कमाया। खासकर, साप्ताहिक एक्सपायरी वाले दिनों में कंपनी ने पहले ऑप्शंस में आक्रामक पोजिशन ली और फिर कैश और फ्यूचर्स सेगमेंट में भारी खरीदारी कर कीमतों को प्रभावित किया।
कैसे करती थी हेराफेरी?
सेबी की जांच में सामने आया कि Jane Street ने Bank Nifty से जुड़े 12 प्रमुख शेयरों और उनके फ्यूचर्स में बड़ी खरीदारी की। यह खरीदारी जानबूझकर आखिरी सौदे की कीमत के बराबर या उससे ऊपर की गई, ताकि कीमतों को ऊपर धकेला जा सके। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी को ऑप्शंस सेगमेंट में मोटा मुनाफा हुआ।
भारी मुनाफा, भारी जुर्म
सेबी के अनुसार, जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच Jane Street ने ऑप्शंस ट्रेडिंग से ₹44,358 करोड़ का मुनाफा कमाया। हालांकि, अन्य सेगमेंट्स (स्टॉक फ्यूचर्स, इंडेक्स फ्यूचर्स और कैश) में उसे कुल ₹7,687 करोड़ का नुकसान हुआ। इसके बावजूद कंपनी का कुल शुद्ध लाभ ₹36,671 करोड़ रहा।
निवेशकों के हित में कार्रवाई
सेबी का कहना है कि Jane Street की गतिविधियां “PFUTP रेगुलेशन” यानी प्रतिबंधित और अनुचित ट्रेडिंग प्रथाओं के सीधे उल्लंघन के अंतर्गत आती हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, सेबी ने सभी एक्सचेंजों को निर्देश दिया है कि वे Jane Street Group की सभी गतिविधियों पर नजर रखें।
